Bhopal Double Murder: सवा एक करोड़ रुपए की संपत्ति को हथियाने सवा एक साल पहले बनाई थी योजना, वारदात में सगे भाई को भी शामिल किया, मामले में सौ संदिग्ध और डेढ़ हजार सीसीटीवी कैमरों को खंगालने के बाद मिली कामयाबी

भोपाल। कमरे के भीतर गोली मारकर वृद्ध दंपति हेमंत फिलेमोन और उनकी पत्नी शकुंतला बारीक की हत्या करने वाले दो सगे भाईयों को भोपाल (Bhopal Double Murder) शहर की ऐशबाग थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों को कोर्ट में पेश करके पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया गया है। इससे पहले पुलिस संपत्ति विवाद को लेकर सुपारी देकर मर्डर करने की आशंका जताई थी। जिसमें संदेही मरने वाले दंपति के भाई-भाभी थे। अब पुलिस उन्हें क्लीनचिट देते हुए मर्डर के लिए डेढ़ साल पूर्व बनाई योजना बता रही है।
कजलीखेड़ा के नाले से बरामद किया कट्टा
जानकारी देते हुए पुलिस कमिश्नर संजय कुमार (Police Commissioner Sanjay Kumar) ने बताया कि दोहरा हत्याकांड महकमे के लिए चुनौती था। इसलिए 20 अलग-अलग लक्ष्यों के साथ टीमें बनाई थीं। मामले में संदिग्ध करीब सौ लोगों से सघन पूछताछ। करीब डेढ़ हजार सीसीटीवी कैमरों को खंगालने के बाद पुलिस इस निष्कर्ष मेें निकल सकी है। पुलिस ने 40 वर्षीय श्रीकांत चिचलिया और उसके छोटे भाई 35 वर्षीय शशिकांत चिचलिया को अरेस्ट कर लिया है। दोनों आरोपी कजलीखेड़ा (kajlikheda) थाना क्षेत्र स्थित विंडसर पॉम कॉलोनी (Windsor Plam Colony) में रहते हैं। शशिकांत चिचलिया (Shashikant Chichaliya) फिजियोथेरेपिस्ट की पढ़ाई कर रहा है। वहीं श्रीकांत चिचलिया (Shrikant Chichaliya) प्रॉपर्टी ब्रोकर का काम करता है। दोनों आरोपियों के पास जो कट्टा (Gun) था वह कजलीखेड़ा के नाले से बरामद किया जा रहा है। इसी नाले से पुलिस को हेमंत फिलेमोन (Hemant Philemon) का मोबाइल भी मिला था। वह नाम बदलकर बैरागढ़ चीचली में रह रहा था। श्रीकांत की पहचान कस्तूरबा अस्पताल (Kasturba Hospital) में नौकरी करने वाली शिबानी बारीक (Shivani Barik) से थी। दरअसल, उसकी अवधपुरी में स्थित ऋषिपुरम फेज-1 की संपत्ति बेचने में मदद की थी।
इसलिए उतारा मौत के घाट

श्रीकांत चिचलिया के जरिए हेमंत फिलेमोन ने इटारसी (Itarsi) में स्थित उनकी जमीन को बेचने का एग्रीमेंट किया था। हालांकि वह जब नहीं बेची जा सकी तो इटारसी के ही ब्रोकर से उसे बेचा गया था। उसी दौरान हुई बातचीत में श्रीकांत को पता चल गया था कि वृद्ध (Bhopal Double Murder) अकेले हैं और उनकी मौत के बाद उनके वारिस में सिर्फ उनका भाई विनोद बारीक (Vinod Barik) है, जिसकी पत्नी शकुंतला बारीक (Shakuntala Barik) हैं। उसने अपना मकसद 2023 में ही तय कर लिया था। इस कारण उसने गुपचुप तरीके से मार्च, 2025 में दानपत्र (Gift Deed) बना लिया था। इसमें दंपति के अलावा उसकी भाभी शिबानी बारीक से भी झांसा देकर सिग्नेचर करा लिए थे।
थाने में दर्ज है पहले से कई मुकदमे

हत्याकांड का मुख्य आरोपी श्रीकांत चिचलिया है। वह एक साल पहले ही कजलीखेड़ा में रहने गया था। यहां उसकी काफी दहशत थी। उसने कुछ दिन पहले भी बिजली विभाग के एक कर्मचारी गोली मारने की धमकी दी थी। इसके अलावा वह बम से उड़ाने की बात भी करता था। आरोपी के खिलाफ शाहपुरा (Shahpura) समेत कई अन्य थानों में आठ प्रकरण दर्ज है। पुलिस के रिकॉर्ड में 2019 के बाद कोई प्रकरण सामने नहीं आया था। इसलिए वह पुलिस की नजर से बच रहा था।
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