Bhopal Property Fraud: विदेश से लौटकर आए बेटा-बेटी के प्रयासों से पुलिस थाने पहुंचा मामला, वयोवृद्ध डॉक्टर के घरेलू नौकर की मदद से पूरी योजना बनाई गई,- बिल्डर जिसने जमीन पर कॉलोनी काट दी उसके एग्रीमेंट शर्तों की जांच करा रही पुलिस

भोपाल। राजधानी के गांधी मेडिकल कॉलेज के वयोवृद्ध डॉक्टर की साढ़े तीन एकड़ से अधिक की जमीन को बेचने में हुए नौ करोड़ रुपए के लेन-देन में धांधली करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यह मामला भोपाल (Bhopal Property Fraud) शहर के पिपलानी थाना क्षेत्र का है। आरोप एक महिला पर लगा है जिसने वयोवृद्ध डॉक्टर के घरेलू नौकर से सांठगांड करके पूरी योजना को अंजाम दिया था। इस मामले की जांच पिपलानी थाना क्षेत्र की पुलिस ने की है। जिसमें प्राथमिक जांच के बाद महिला और घरेलू नौकर को आरोपी बना लिया गया है। इस प्रकरण में आधा दर्जन अन्य व्यक्तियों की भी भूमिका संदिग्ध पाई जा रही है।
नौकर के साथ मिलकर रची साजिश
थाना प्रभारी चंद्रिका यादव (TI Chandrika Yadav) ने बताया कि 75 वर्षीय डॉक्टर अशोक कुमार जैन (Dr Ashok Kumar Jain) की करीब सवा चार एकड़ से अधिक की जमीन हथाईखेड़ा (Hathaikheda) में हैं। यह जमीन अपार ग्रुप इंग्लिश मीडियम स्कूल (Apar Group English Medium School) के नाम पर रजिस्टर्ड हैं। इसमें से लगभग सवा तीन एकड़ से अधिक की जमीन बेचने का प्रस्ताव कुछ साल पहले भारती शास्त्री (Bharti Shastri) ने दिया था। जमीन बेचने से मिली रकम के जरिए स्कूल भवन बनाने और नए सिरे से उसकी स्थापना करने का झांसा देकर भारती शास्त्री ने डॉक्टर अशोक कुमार जैन को राजी कर लिया। सौदा जय शिव एसोसिएट (Jai Shiv Associates) के साथ फरवरी, 2024 में तय किया गया। अनुबंध के तहत नौ करोड़ रुपए का भुगतान होने पर जमीन पर किसी अन्य निर्माण की अनुमति की शर्त थी। लेकिन, डॉक्टर अशोक कुमार जैन को सिर्फ दो करोड़ रुपए ही मिले। यह रकम पुरषोत्तम तोतलानी (Purshotam Totlani) और अखिल शुक्ला (Akhil Shukla) की कंपनी से उन्हें आरटीजीएस हुए थे। बाकी सात करोड़ रुपए की रकम में तारीख ही नहीं लिखी गई। दो करोड़ रुपए में से भी भारती शास्त्री ने 96 लाख रुपए अपने लोन भुगतान के लिए ले लिए थे। पुलिस ने एग्रीमेंट, चेक और खातों में आई रकम के आधार पर 10 सितंबर को भारती शास्त्री और रघुनाथ यदुवंशी (Raghunath Yaduvanshi) के खिलाफ जालसाजी का प्रकरण 931/206 दर्ज कर लिया है। पुलिस को प्राथमिक जांच में पता चला है कि रघुनाथ यदुवंशी जो कि डॉक्टर जैन का घरेलू नौकर था वह साजिश में शामिल था। दो करोड़ रुपए की रकम में से कुछ रकम उसके खाते में भी जमा हुई है।
ऐसे सामने आया पूरा फर्जीवाड़ा
डॉक्टर अशोक कुमार जैन का आनंद नगर (Anand Nagar) में एक चर्चित स्कूल था। वह नुकसान में गया तो उन्होंने मौजूद जमीन जिसमें फर्जीवाड़ा हुआ उसे खरीदा था। इसे चलाने के लिए उन्होंने समिति बनाई थी। जिसमें विनोद राठौर (Vinod Rathore), सुधा सिंह (Sudha Singh), घरेलू नौकर रघुनाथ यदुवंशी, विवेक स्वामी (Vivek Swami), राहुल प्रजापति (Rahul Prajapati) के अलावा भारती शास्त्री भी शामिल हो गई थी। भारती शास्त्री को जनवरी 2024 में जोड़ा गया था और उसे संयुक्त सचिव बनाया था। उसने ही अन्य लोगों को भी सदस्य बनाया था। डॉक्टर ने बताया कि उनकी पत्नी का 2016 में निधन हो गया था। बेटी की शादी वाराणासी में डॉक्टर अमित जैन (Dr Amit Jain) के साथ हो गई। जिस कारण वह पिता को ज्यादा ध्यान नहीं दे पा रही थी। एक बेटा दुबई (Dubai) में रहता है जबकि दूसरा बेटा स्कॉटलैंड (Scotland) में रहता है। इसलिए वह घरेलू नौकर रघुनाथ यदुवंशी के भरोसे थे। आरोपियों की योजना विफल न हो जाए इसलिए उनके बच्चों से नौकर रघुनाथ यदुवंशी और भारती शास्त्री मिलने से रोकते थे। इसलिए बच्चों ने अपने स्तर पर पूरा मामले का पता लगाकर इस मामले में संज्ञान लेकर पुलिस तक यह मामला पहुंचाया था।
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