Bhopal Murder News: मेन पॉवर सप्लाई कराने वाली प्राइवेट एजेंसी के माध्यम से आया युवक मामले में संदिग्ध, अलमारी से सामान निकालकर फेंका, हादसा हो इसलिए गैस नोजल खोला, अधिकारी का मोबाइल अपने साथ ले गया संदेही

भोपाल। मध्यप्रदेश प्रशासनिक सेवा में 1982 बैच के रिटायर्ड आईएएस राकेश अग्रवाल की चाकू से गला रेंतकर निर्मम हत्या (Bhopal Murder News) कर दी गई। उनका खून से लथपथ शव ग्राउंउ फलोर में बेडरूम के भीतर मिला। उसी रूम के बाहर तीन दिन पूर्व उनकी देखरेख के लिए रखा गया केयरटेकर भी गायब है। हत्याकांड में संदेहास्पद तथ्य उत्पन्न करने आरोपी ने रसोईघर में जाकर गैस को चालू करके उसका नोजल खोल दिया था। मामले की जांच कर रही भोपाल शहर की रातीबड़ थाना पुलिस ने हत्या का प्रकरण दर्ज कर लिया है।
तीने दिन पहले ही आया था काम पर
राकेश अग्रवाल (IAS Rakesh Agrawal) वर्ष 2016 में नरोन्हा प्रशासनिक अकादमी के महानिदेशक पद से रिटायर्ड हुए थे। उन्हें एक महीने पहले शरीर में अस्वस्थ्य होने पर मिसरोद (Misrod) स्थित सागर मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल (Sagar Multispecialty Hospital) में भर्ती कराया गया था। ईलाज के बाद उन्हें चलने-फिरने में समस्या आती थी। इसलिए उन्होंने मेन पॉवर सप्लाई उपलब्ध कराने वाली बागसेवनिया (Bagsewania) में वर्मा होम केयर (Verma Home Care) नाम की ऐजेंसी की मदद से वरुण कुमार (Varun Kumar) नाम के एक युवक को रखा था। वह 26 सितंबर को ही काम पर आया था। वह मूलत: पंजाब (Punjab) के पटियाला जिले में स्थित नाभ इलाके का रहने वाला है। पहली मंजिल पर पत्नी निशी अग्रवाल (Nishi Agrawal) सोती हैं। घर में वरुण कुमार के अलावा खाना बनाने के लिए अमर सिंह (Amar Singh) का परिवार रखा गया था। वह रातीबड़ (Ratibarh) स्थित सूरज नगर (Suraj Nagar) के नजदीक सेवनिया गौंड के अग्रवाल परिवार के सिद्धशिला (Siddhshila) मकान के पिछले हिस्से में बने आवास में परिवार के साथ रहता है।
गैस की दुर्गंध आने पर घटना का पता चला

घटना का पता निशी अग्रवाल के जरिए लगा। दरअसल, उन्हें गैस (Gas) की दुर्गंध आई तो उन्होंने वरुण कुमार को आवाज देकर पुकारा। जब वह नहीं आया तो दूसरे नौकर अमर सिंह को फोन लगाकर बुलाया। वह रसोईघर में पहुंचा और गैस बंद करके वरुण कुमार को तलाशने गया। वह नहीं था तो कमरे के भीतर गया। वहां राकेश अग्रवाल खून से लथपथ दिखे थे। इस बात की जानकारी निशी अग्रवाल को दी जिसके बाद पुलिस मौके पर आई। कमरे में अलमारियों के भीतर रखा सामान बिखरा हुआ था। इसके अलावा उनका मोबाइल (Mobile) भी नहीं था। वह हत्याकांड के दो घंटे बाद बीना रेलवे स्टेशन में चालू हुआ था। हत्याकांड को लेकर भोपाल पुलिस के कई अधिकारी घटना स्थल पर पहुंचे। जांच में क्राइम ब्रांच (Crime Branch) समेत कई थानों की टीम बनाकर मामले के संदेही वरूण कुमार की तलाश की जा रही है। इधर, रिटायर्ड आईएएस की हत्या का पता चलने पर मध्यप्रदेश प्रशासनिक सेवा में पदस्थ और पूर्व अधिकारियों के घर पहुंचने का सिलसिला शुरु हो गया। फिलहाल राकेश अग्रवाल का शव गांधी मेडिको लीगल संस्थान के मॉर्चुरी रुम में सुरक्षित रखा गया है। पुत्र और पुत्रवधु अमेरिका (America) की वैश्विक संस्था (Global Organization) में सेवाएं दे रहे हैं। उनके आने के बाद अंत्येष्टि को लेकर तय किया जाएगा।
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