Bhopal Fraud News: वक्फ बोर्ड की छानबीन समिति ने पकड़ी गड़बड़ी,अशासकीय संस्था के अस्थायी अध्यक्ष के खिलाफ प्रकरण, पंद्रह साल के भीतर में सवा दो करोड़ रुपए का फर्जीवाड़ा उजागर

भोपाल। मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड (Madhya Pradesh Waqf Board) की छानबीन समिति ने राजधानी में चल रहे एक बड़े फर्जीवाड़े (Bhopal Fraud News) को पकड़ा है। इस मामले को आपराधिक मानते हुए बकायदा पुलिस उपायुक्त जोन-3 को आवेदन देने के बाद प्रकरण दर्ज कराया गया है। यह मामला भोपाल शहर के शाहजहांनाबाद थाना क्षेत्र का है। मामला वक्फ बोर्ड की जमीन में गैरकानूनी तरीके से संचालित निजी अस्पताल से जुड़ा है। यह संपत्ति वक्फ की थी जिस पर अनाथ आश्रम खुलना था। फर्जीवाड़ा पंद्रह साल से चल रहा था। जिसमें करीब दो करोड़, 26 लाख रुपए से ज्यादा की वित्तीय अनियमितता अभी तक उजागर हो गई है।
स्वयं को स्वामी बताकर बनाया भवन
शाहजहांनाबाद (Shahjahanabad) थाना पुलिस के अनुसार इस मामले में आरोपी शाहिद अलीम खान (Shahid Alim Khan) को अभी माना गया है। उनके अलावा अन्य आरोपियों की भूमिका और उनके नाम जांच के बाद प्रकरण में जोड़ने का काम किया जाएगा। शाहिद अलीम खान 2004 से दारुल शफकत सोसायटी (Darul Shafqat Society) के अध्यक्ष थे। उनके विवादित कार्यकाल को लेकर उन्हें हटाते हुए सिर्फ अस्थायी तौर पर समिति का प्रबंधन करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसके बावजूद आरोपी शाहिद अलीम खान ने मार्च, 2006 में भवन निर्माण के लिए नगर निगम (Nagar Nigam) से अनुमति लेने के लिए स्वयं को स्वामी बताकर भवन बनाया। उसी भवन को किराए पर देने के लिए जुलाई, 2011 में मालिक बनकर अनुबंध किया। यह अनुबंध डॉक्टर फरीद शेख (Dr. Farid Shaikh) और डॉक्टर असमा शेख (Dr Asma Shaikh) के साथ हुआ था। भवन को किराए पर देने के लिए 30 लाख रुपए अग्रिम बयाना राशि भी ली गई। उस भवन में अभी जीवन रेखा अस्पताल (Jeevan Rekha Hospital) संचालित हैं। भवन को किराए पर देने से शाहिद अलीम खान को एक करोड़, 96 लाख रुपए से ज्यादा की रकम भी मिली। इस मामले में सूचना के अधिकार में आवेदन लगाने के बाद वक्फ बोर्ड (Waqf Board) से शिकायत हुई थी। इस संबंध में जुलाई, 2025 से लेकर मई, 2026 तक कई बार कारण बताओ नोटिस जारी हुए थे। जिसका जवाब मई, 2026 में मिला तो उसकी जांच के लिए बोर्ड ने समिति बनाई थी। समिति ने संपूर्ण दस्तावेज निकालकर पड़ताल की तो यह फर्जीवाड़ा उजागर हुआ। मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड की तरफ से जारी बयान के अनुसार नए वक्फ कानून बनने के बाद अब तक प्रदेश में करीब 29 करोड़ रुपए की वसूली की जा चुकी है। उसी योजना के तहत बोर्ड की तरफ से जारी अभियान में अनाथ आश्रम (Orphanage) की जगह चल रहे निजी अस्पताल का भी मामला था। शाहजहांनाबाद पुलिस थाने में प्रकरण 534/26 दर्ज कराने के बाद निजी हाथों में वक्फ की संपत्ति के गलत इस्तेमाल को रोकने के तहत यह पहल की गई है।
खबर के लिए ऐसे जुड़े

हमारी कोशिश है कि शोध परक खबरों की संख्या बढ़ाई जाए। इसके लिए कई विषयों पर कार्य जारी है। हम आपसे अपील करते हैं कि हमारी मुहिम को आवाज देने के लिए आपका साथ जरुरी है। हमारे www.thecrimeinfo.com के फेसबुक पेज और यू ट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें। आप हमारे व्हाट्स एप्प न्यूज सेक्शन से जुड़ना चाहते हैं या फिर कोई घटना या समाचार की जानकारी देना चाहते हैं तो मोबाइल नंबर 7898656291 पर संपर्क कर सकते हैं।