Bhopal News: छह महीना पूर्व तीन साल के मासूम बालक की मौत के मामले में जांच पूरी, एम्स अस्पताल ने भी गलती मानी

भोपाल। भोपाल एम्स (Bhopal AIIMS) की दो महिला नर्स के खिलाफ भेापाल (Bhopal News) शहर की बागसेवनिया थाना पुलिस ने लापरवाही से कार्य करने के कारण तीन साल के बालक की मौत के मामले में प्रकरण दर्ज किया है। जांच में पता चला है कि दोनों महिला नर्स ने बिना डॉक्टरों की सलाह लिए बालक आईवी लाइन चोक होने के बावजूद फर्मेलिन का इंजेक्शन लगा दिया था।
बालक को बुखार आने पर भर्ती कराया गया था
बागसेवनिया (Bagsewania) थाना पुलिस के अनुसार पहले जीरो पर मर्ग कायम करके सागर (Sagar) जिले के बीना (Beena) थाने में भेजा था। मामला सार्थक यादव पिता सिद्धार्थ यादव उम्र तीन साल की मौत से जुड़ा था। बालक की 17 दिसंबर, 2025 को मौत हुई थी। जिसकी केस डायरी वापस 20 मार्च को डीसीपी जोन-2 के जरिए थाने को मिली। सार्थक यादव (Sarthak Yadav) को उसके परिजनों ने 15 दिसंबर को भर्ती कराया था। उसे बीएलएएलएल बीमारी थी। बालक को बुखार आने पर भर्ती कराया गया था। वह बच्चों के दो नंबर वार्ड में था। पिता सिद्धार्थ गुप्ता (Siddarth Gupta) ने बच्चे की मौत के मामले मे नर्स मधुबाला और नर्सिंग ऑफिसर अनुका गुजराती (Anuka Gujrati) पर आरोप लगाया था। परिजनों ने गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाया था। जांच के दौरान पुलिस ने सार्थक की मां राजा देवी यादव (Raja Devi Yadav), रिश्तेदार समीक्षा यादव (Samiksha Yadav) समेत अन्य के बयान दर्ज किए गए। पुलिस ने बीना में सार्थक यादव का पहले इलाज करने वाली चिकित्सक डॉक्टर श्रृष्टि बारमाटे (Dr. Srishti Barmate) के भी कथन लिए थे।सार्थक यादव का 16 दिसंबर को बोन मेरो एस्पिरेशन और बायोप्सी परीक्षण होना था। इसके लिए ही एक रासायनिक पदार्थ फर्मेलिन (Formalin) लाया गया था। लेकिन, दोनों परीक्षण टल गए थे। इस कारण फर्मेलिन को लॉकर से हटाया जाना था। लेकिन, ऐसा नहीं किया गया। अगले दिन सार्थक यादव को लगाई गई आईवी कैनुला की लाइन चौक हो गई। परिजनों ने डॉक्टर से सलाह लेने के लिए बोला। इसके बावजूद नर्स मधुबाला (Nurse Madhubala) ने आईवी में फर्मेलिन इंजेक्शन डाल दिया। जिसके बाद बालक की तबीयत बिगड़ी और वह दोबारा सांस नहीं ले सका। पुलिस ने पीएम रिपोर्ट, भोपाल एम्स अस्पताल (Bhopal AIIMS Hospital) की आंतरिक जांच रिपोर्ट के आधार पर 11 जून को प्रकरण 382/26 दर्ज कर लिया। पुलिस अब इस प्रकरण को मेडिकल काउंसिल के समक्ष भेजेगी। जिसके बाद अभियोग पत्र दाखिल किया जाएगा। पुलिस ने दोनों नर्स को आरोपी बनाया है।
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