Bhopal GRP News: मुख्यमंत्री के निशातपुरा स्टेशन के उद्घाटन से चौबीस घंटे पहले इस वारदात के बाद पुलिस ने चुप्पी साधी

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में चौथा रेलवे स्टेशन निशातपुरा (Nishatpura Railway Station) का 28 जुलाई को लोकार्पण कर दिया गया। यह स्टेशन कई साल से अपने शुरु होने की बांट जोह रहा था। लोकार्पण समारोह मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव (CM Dr Mohan Yadav) के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। लेकिन, ऐसा करने से चौबीस घंटा पूर्व एक वारदात ने भोपाल जीआरपी (Bhopal GRP News) को काफी विचलित कर रखा था। आयोजन को लेकर कुछ चयनित मीडिया हाउस को आमंत्रण था। दरअसल, पुलिस और रेलवे प्रबंधन को भय था कि कोई सक्रिय मीडिया मुख्यमंत्री से उदघाटन के अवसर पर यह कड़वा सवाल न उनसे पूछ ले। दरअसल, नव निर्मित स्टेशन और भोपाल जंक्शन के बीच ही झपटमारों का गिरोह सक्रिय रहता है। अब सवाल यह है कि नए स्टेशन बनने से उन वारदातों में अंकुश लग सकेगा।
जब अफसर ही खामोश तो मैदानी अमला क्यों होगा सक्रिय
जानकारी के अनुसार स्टेशन के उदघाटन से चौबीस घंटा पहले शैलेंद्र पूनिया (Shailendra Puniya) के साथ झपटमारी की वारदात हुई थी। वे कोयम्बटूर से दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन जाने वाली कांगो एक्सप्रेस (Congo Express) के जनरल कोच में सवार थे। वे अपने मोटो कंपनी के मोबाइल (Mobile) पर फेसबुक चला रहे थे। ट्रेन भोपाल जंक्शन (Bhopal Junction) पहुंचने वाली थी, तभी किसी व्यक्ति ने खिड़की से हाथ डालकर उनसे मोबाइल छीन लिया। यह समस्या भोपाल जंक्शन से निशातपुरा स्टेशन के बीच विकराल बन गई हैं। भोपाल जीआरपी में दर्ज होने वाले मामले ही भयावह है। जबकि जिन मामलों में कार्रवाई नहीं की गई वह उजागर हो तो रेलवे और जीआरपी के इंतजाम की पोल खुल जाएगी। अभी तक कई मामले लंबित भी है। जिनका निराकरण भोपाल जीआरपी नहीं कर सकी हैं। हालांकि इन गंभीर सवालों से बचने के लिए अफसरों ने जरुर कॉस्मैटिक पुलिसिंग की आड़ में आपरेशन हमदर्द चला रखा है। जिसमें गुम इंसानों और रेलवे स्टेशनों के आसपास रहने वाले बेसहारों की जानकारी जुटाकर उनको मदद करने का सराहनीय काम किया जा रहा है। लेकिन, आपराधिक मामलों में सवाल—जवाब और पर्यवेक्षण करने वाले अफसरों की तरफ से चुप्पी हैं।
लग्जरी बनाम सामान्य ट्रेने
इधर, रानी कमलापति जीआरपी (Rani Kamlapati GRP) पुलिस ने सतना (Satna) निवासी रिंकू सेन (Rinku Sen) की शिकायत पर चोरी का मामला दर्ज किया है। वे सिरहाने में पिट्ठू बैग (Bag) रखकर गहरी नींद में सो गए थे। सुबह नींद खुली तो वह गायब था। इसी तरह पातालकोट एक्सप्रेस (Patalkot Express) के जनरल कोच में सफर कर रहे मयूर राजनकर (Mayur Rajankar) की जेब से मोबाइल (Mobile) चोरी चला गया। इसी तरह शहडोल निवासी चंद्रमौलि त्रिपाठी (Chandramoli Tripathi) का रानी कमलापति स्टेशन की लिफ्ट के नजदीक पर्स मार दिया। वे बेटी के साथ इंटरसिटी एक्सप्रेस (Intercity Express) से उतरे थे। तीनों घटनाओं में करीब सवा एक लाख रुपए का माल चोरी गया है। रानी कमलापति रेलवे स्टेशन को सुरक्षित और यात्रियों के लिए सुविधाओं वाला होने का दावा किया जाता है। वहीं देश में महंगा किराया वसूलने के बाद चलाई जा रही लग्जरी ट्रेन और सामान्य ट्रेन में सुविधाओं से लेकर यात्रियों की सुरक्षा को लेकर दोयम दर्ज का व्यवहार भारतीय रेलवे की तरफ से किया जाता है। यह तीनों घटनाएं उसके जीवित परिणाम भी है।
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