Bhopal Mass Murder : रात पूरे परिवार को कोल्ड ड्रिंक में नींद की गोलियां खिलाई, होटल में हुए घाटे से निकलने बैंकों से लेता गया लोन,दो दिनों से परिवार में चल रही थी कलह, बाथरुम के नजदीक खून से सना छुरा मिला, छह साल के बेटे को सिर पर मारी हथौड़ी

भोपाल। कर्ज के बोझ ने नरेंद्र साहू को निर्दयी बना दिया था। उसको परिवार संभालने का फर्ज पूरा करना था। लेकिन उसे यह मर्ज लगने लगा और उसने हत्याकांड को निर्मम तरीके से अंजाम दिया। आरोपी ने 01 नवंबर की रात पूरे परिवार को कोल्ड ड्रिंक में नींद की गोलियां मिलाकर दी थी। इसके बाद 02 नवंबर तड़के सभी का बेरहमी के साथ छुरे से गला रेंत दिया। यह वारदात भोपाल (Bhopal Mass Murder) शहर के छोला मंदिर इलाके में हुई है। पुलिस को यह छुरा भी घर के भीतर बाथरुम के नजदीक मिल गया है। इसके अलावा एक हथौड़ी भी मिली है जिससे छह साल के मासूम बच्चे के सिर पर उसने वार किया था। छोला मंदिर थाना पुलिस ने हत्या का प्रकरण दर्ज कर लिया है। जबकि सुखी सेवनिया पुलिस ने खुदकुशी के मामले में सिर्फ मर्ग कायम किया है।
परिवार में दों दिनों से चल रही थी कलह
जानकारी के अनुसार परिवार मूलत: छत्तीसगढ़ (Chhatisgarh) जिले के बिलासपुर (Bilaspur) का रहने वाला है। भोपाल में नरेंद्र साहू (Narendra Sahu) का परिवार लगभग ढ़ाई दशक पूर्व आया था। उसका खेजड़ा बरामद में उसका निजी घर भी था। इसके बाद उसने घर के ही नजदीक होटल शुरु की थी। इसी होटल (Hotel) में उसे घाटा हुआ। जिसकी भरपाई के लिए उसने टैक्सी बैंक से लोन लेकर खरीद ली। वह टैक्सी में भी घाटा उठाने लगा। इसलिए उसने खेजड़ा बरामद स्थित मकान बेच दिया। वह किराए के मकान में रहने लगा। बैंकों में उसका लोन (Loan) एनपीए हुआ तो टैक्सी भी जब्त हो गई। देखते ही देखते मां सरस्वती साहू (Saraswati Sahu) और पत्नी सोमलता साहू (Somlata Sahu) उसके उठाए फैसलों को लेकर विरोध करने लगे। यह घरेलू कलह का कारण बनने लगे। पुलिस को जांच में पता चला है कि घर में पिछले दो दिनों से पारिवारिक कलह चल रही थी। आरोपी के दस साल की बेटी कृति साहू (Kriti Sahu) और छह साल के बेटे खुश साहू (Khush Sahu) की भी निर्मम हत्या करते वक्त हाथ नहीं कांपे। इसके बाद वह सुखी सेवनिया (Sukhi Sewania) स्थित चोपड़ा कला में रेलवे पटरी (Railway Track) पर जाकर लेट गया। उसकी लाश पटरी पर निगरानी कर रहे रेलवे कर्मचारियों ने देखकर सुखी सेवनिया पुलिस को बताया था। मोबाइल के जरिए पुलिस ने नरेंद्र साहू के बहनोई दीपक साहू (Deepak Sahu) से संपर्क किया। वह मालीखेड़ी (Malikhedi) के ही नजदीक मल्टी में रहते हैं। पुलिस का फोन आने के बाद वह उनके घर पहुंचा तो मकान में ताला लगा मिला। इसलिए उसने छोला मंदिर (Chhola Mandir) थाना पुलिस से संपर्क किया था।
बैंक खातों की जानकारी जुटाना शुुरु
पुलिस ने इस मामले में नरेंद्र साहू के बैंक खातों की जानकारी जुटाना शुरु कर दी है। उसके बैंक खातों से लेन-देन करने वाले व्यक्तियों के बारे में जानकारी पुलिस की तरफ से जुटाई जा रही है। ताकि यह पता चल सके कि उसे कितना कर्ज था या फिर उसे कोई परेशान तो नहीं कर रहा था। इस सिलसिले में इंदौर(Indore) में रहने वाले नरेंद्र साहू के भाई से भी प्राथमिक पूछताछ की गई है।
सामूहिक हत्याकांड का यह पहला मामला नहीं

राजधानी में चार लोगों की निर्मम हत्या करके आत्महत्या करने का यह पहला मामला नहीं हैं। इससे पहले भी कर्ज के कारण परिवार ने सामूहिक आत्महत्या और हत्या जैसे कदम उठाए हैं। छोला मंदिर थाना क्षेत्र में हुई ताजा घटनाओं के चलते एक बार फिर वह पुरानी दिलदहला देने वाली वारदात लोगों को याद आई।
केस-1
रातीबड़ (Ratibarh) थाना क्षेत्र स्थित शिव विहार (Shiv Vihar) में रहने वाले भूपेंद्र विश्वकर्मा (Bhupendra Vishwakarma) और उसकी पत्नी रीतू विश्वकर्मा (Ritu Vishwakarma) ने जुलाई, 2023 में अपने दो मासूम बच्चों आठ साल के बेटे ऋषिराज और तीन साल के रितुराज को कोल्ड ड्रिंक में जहर मिलाकर पिला दिया। इसके बाद चार पेज का सुसाइड नोट लिखकर पति-पत्नी ने फांसी लगा ली थी। पूरा परिवार फर्जी लोन देने वाले एप के जाल में फंसकर कंगाल हो गया था। कंपनी पैसा न देने पर बदनाम करने की धमकी देती थी।
केस-2
पिपलानी () Piplaniथाना क्षेत्र स्थित आनंद नगर (Anand Nagar) में संजीव जोशी (Sanjeev Joshi), अर्चना जोशी (Archna Joshi), प्रीति जोशी (Preeti Joshi), ग्रीष्मा जोशी (Grishma Joshi) और नंदनी जोशी (Nandni Joshi) ने कर्जदार की धमकियों से परेशान होकर कोल्ड ड्रिंक में जहर मिलाकर सामूहिक आत्महत्या की थी। पुलिस ने इस मामले में प्रकरण भी दर्ज किया था।
केस-3
मिसरोद (Misrod) थाना क्षेत्र स्थित सहारा स्टेट (Sahara State) में 2021 में 50 वर्षीय पत्नी रंजना ठाकरे(Ranjna Thakre , 16 वर्षीय बेटे चिराग ठाकरे (Chirag Thakre) और 14 वर्षीय गुंजन ठाकरे (Gunjan Thakre) की हत्या करने के बाद घर के मुखिया रवि ठाकरे (Ravi Thakre) ने निर्मम तरीके से हत्याकांड को अंजाम दिया था। रवि ठाकरे की नौकरी जाने के बाद वह तनाव में चल रहा था।
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