Fake Passport News: भोपाल पुलिस को ढ़ाई साल पहले फर्जीवाड़े की मिल गई थी जानकारी, एसटीएफ के खुलासे के बाद हुई किरकिरी में अब आधी रात दर्ज किया प्रकरण

भोपाल। मध्यप्रदेश के ग्वालियर स्पेशल टास्क फोर्स की कार्रवाई ने भोपाल पुलिस कमिश्नरेट की साख को दांव पर लगा दिया है। जिस कारण एसटीएफ (STF) की एक सप्ताह पूर्व हुई कार्रवाई में भेापाल (Fake Passport News) शहर की गोविंदपुरा थाना पुलिस ने आधी रात चार व्यक्तियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। जिसमें दावा किया गया है कि अन्ना नगर स्थित बौद्ध विहार के पते पर 40 फर्जी पासपोर्ट बनाने की कोशिश हुई थी। उन सभी आवेदनों को भोपाल जिले की विशेष शाखा ने निरस्त कराया था। जिन्होंने आवेदन किया उनकी जानकारी यूआईडीएआई ने देने से इंकार कर दिया था।
जन्म प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए
गोविंदपुरा (Govindpura) थाना पुलिस के अनुसार अन्ना नगर (Anna Nagar) स्थित बौद्ध विहार के पते से पासपोर्ट सत्यापन कराने वाले पांच लोगों के जन्म प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए हैं। नगर निगम भोपाल से सत्यापन कराने पर इन प्रमाण पत्रों का रिकार्ड ही नहीं मिला। दो साल से चल रही जांच के बाद गोविंदपुरा पुलिस ने पांचों के खिलाफ फर्जी दस्तावेज तैयार करने और इस्तेमाल करने समेत पासपोर्ट अधिनियम की धाराओं में केस 832/26 दर्ज किया है। एसटीएफ की कार्रवाई के बीच इस मामले में भोपाल पुलिस की यह पहली एफआईआर है। पुलिस जांच में सामने आया कि बौद्ध विहार, अन्ना नगर के पते से वर्ष 2023, 2024 और 2025 में कुल 40 लोगों के पासपोर्ट (Passport) का सत्यापन कराया गया था। इनमें शिपोन राय (Shipon Rai) पिता हिमांगसु राय, रूपोन राय (Rupon Rai) पिता प्रदीप राय(Pradeep Rai), दुर्जय चौधरी (Durjay Chaudhry) पिता बुद्धिश्तिया चौधरी राय और बिजाय तालुकदार (Bijay Talukdar) पिता रोबिंद्रो तालुकदार के पासपोर्ट का सत्यापन 12 सितंबर 2023 को हुआ था। बाद में जिला विशेष शाखा ने इनकी नागरिकता की जांच कराई। दस्तावेजों से नागरिकता प्रमाणित नहीं होने पर विशेष शाखा ने 15 जनवरी 2024 को इनके पासपोर्ट निरस्त करने के लिए पत्र भेजा था।
आधार के पुराने और स्थायी पते की जानकारी भी मांगी
मामले की जांच में पुलिस ने सभी 40 आवेदकों के आधार कार्ड में दर्ज पूर्व और स्थायी पते की जानकारी के लिए 29 जून 2025 को भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई), नई दिल्ली को पत्र भेजा। यूआईडीएआई ने निजता और गोपनीयता का हवाला देते हुए जानकारी देने से इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने दोबारा पत्राचार किया है। पासपोर्ट कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार 40 आवेदनों में से 26 की जानकारी भोपाल कार्यालय से मिली है, जबकि 13 आवेदनों की जानकारी गुवाहाटी कार्यालय से मांगी गई है। एक आवेदन का नंबर गलत होने के कारण उसकी जानकारी नहीं मिल सकी। 26 फाइलों में से एक बंद हो चुकी है और एक को निरस्त करने की प्रक्रिया चल रही है। दो आवेदकों के स्थायी पते की पुष्टि हो चुकी है, जबकि शेष की जांच जारी है।पुलिस ने बताया कि इसी जांच में पुलिस ने किशन साहा (Kishan Saha), लवलु चौधरी (Lavlu Chaudhry) , अर्नव सिंह (Arnav Singh), विजय अतुलकर (Vijay Atulkar) और रोहित सिंह (Rohit Singh) के जन्म प्रमाण पत्र नगर निगम भोपाल से सत्यापित कराए। 17 सितंबर 2026 को निगम से मिले जवाब में पांचों प्रमाण पत्रों का रिकार्ड उपलब्ध नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने बीएनएस की धारा 318(4), 338, 340 और पासपोर्ट अधिनियम की धारा 12 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस अब बौद्ध विहार के पते से पासपोर्ट सत्यापन कराने वाले अन्य आवेदकों के दस्तावेजों की भी जांच कर रही है।
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