Bhopal Cop News: पुलिस आयुक्त की सख्ती का सभी जोन में दिखने लगा असर, विशेष दस्ते के प्रयोग से भोपाल पुलिस में हलचल

भोपाल। राजधानी के नवागत पुलिस कमिश्नर संजय कुमार (Police Commissioner Sanjay Kumar ) को कार्यभार संभाले आठ महीने होने जा रहे हैं। उन्होंने सात महीने जमीन पर पैदल उतरकर हर थाने में जाकर जन संवाद किया। सभी थानों (Bhopal Cop News) को चिन्हित करने के बाद इस महीने उनके प्रयोगों ने शहर के सभी जोन में हलचल पैदा कर दी है। आलम यह है कि जितने सात महीने में लाइन अटैच नहीं हुए उससे दोगुना तीन सप्ताह के भीतर सस्पेंड कर दिए गए हैं।
ऐसे बनाई गई रणनीति
पुलिस कमिश्नर ने 2 फरवरी को अपनी कुर्सी संभाली थी। जिसके बाद उन्हें अभी तक लगभग 240 दिन बीत चुके हैं। इस दौरान सवा एक सौ से अधिक उन्होंने शहर के अलग-अलग थानों में जाकर जनसंवाद किया। इस प्रयोग का असर यह रहा कि उन्होंने हर थाने की समस्या के अनुसार रणनीति बनाई। अधिकांश संवाद तंग बस्तियों में जाकर किया गया था। उसमें जनता की तरफ से थाने के विवादित कई कर्मचारियों की संदिग्ध भूमिकाएं उन्हें पता चली थी। इस दौरान माफिया के गठजोड़ की भी सूचनाएं मिली। इन सभी बातों की कुंडली बनाकर उन्होंने हर क्षेत्र के अनुसार अपने विश्वास पात्र कर्मचारियों का दस्ता बनाया।
अभी तक यह प्रयोग
जन संवाद के दौरान पुलिस आयुक्त ने माइक्रो बीट सिस्टम को मजबूत बनाने की योजना बनाई। जिसके तहत कई कॉलोनी और क्षेत्रों की जिम्मेदारी आरक्षक को भी दी गई। उनकी तरफ से मिलने वाली रिपोर्ट का अध्ययन किया गया। उन रिपोर्ट का प्रति परीक्षण भी अलग-अलग स्तर पर कराया गया। भोपाल शहर में सुपर विजन का स्तर शून्य पर पहुंच चुका था। उसमें सुधार आने लगा और एसीपी से लेकर डीसीपी में हलचल तेज होने लगी।
छापे की आध दर्जन कार्रवाई से हड़कंप
पुलिस कमिश्नर फरवरी से अगस्त महीने तक तमाम कानून-व्यवस्थाओं के बावजूद अपनी रणनीति पर काम करते रहे। उन्होंने दो महीने बाद ही चाकूबाजी की घटना करने वाले बदमाशों के खिलाफ हत्या के प्रयास की धाराएं बढ़ाने का आदेश दिया। इस सख्ती के बाद इसी महीने के दूसरे सप्ताह में उन्होंने राजधानी के आधा दर्जन स्पा सेंटर पिपलानी, अयोध्या नगर, एमपी नगर, मिसरोद थाना क्षेत्र में छापा मारने अपने विशेष दल को भेजा। इसमें स्थानीय थाने को भनक भी नहीं लगने दी। इसके अलावा स्टेशन बजरिया और कोतवाली थाना क्षेत्रों में विशेष जांच दल ने जुआ चलाने वाले अड्डों पर छापा मारा। इस कार्रवाई में स्थानीय थाना प्रभारियों को निलंबित कर दिया गया।
लापता पुलिस कर्मियों की तलाश शुरु
थानों से जुड़े चार जोन पर प्रयोग करने के अलावा मुख्यालय स्तर पर अलग छानबीन की गई। इसमें ऐसे कर्मचारी जो बरसों से लापता है उनकी जानकारी निकालकर उन्हें सजा दिलाने और वेतन रोकने का काम किया गया। शहर में ट्रेफिक पुलिस के अलावा थाना स्तर पर औचक चैकिंग रात नौ बजे के बाद भी की गई। पुलिस कमिश्नर ने शहर के प्रमुख चौराहों की रोटरियों में भी काफी फेरबदल कराया है। जिससे यातायात जाम की समस्या दूर की जा सके।
तीन थाना प्रभारी समेत तेरह पुलिस कर्मचारी निलंबित

जुए की कार्रवाई के बाद स्टेशन बजरिया (Station Bajaria) थाना प्रभारी शिल्पा कौरव (TI Shilpa Kaurav), कोतवाली (Kotwali) थाना प्रभारी प्रभात गौड (TI Prabhat Gaud) को लाइन हाजिर किया गया। इसके अलावा दोनों थानों के बीट और माइक्रो बीट प्रभारी चार पुलिस कर्मचारी भी कार्रवाई की जद में आए। रातीबड़ (Ratibarh) गोली कांड में बागसेवनिया (Bagsewania) थाने के आरक्षक की संदिग्ध भूमिका मिलने पर भी निलंबित किया गया। जहांगीराबाद (Jahangirabad) थाना प्रभारी राजन सिंह अहिरवार (TI Rajan Singh Ahirwar) समेत तीन पुलिस कर्मचारियों को वकील के साथ मारपीट मामले में निलंबित किया। कमला नगर (Kamla nagar) थाने के आरक्षक दीपक कटियार (Deepak Katiyar) को भी बदमाश हेमंत ठाकुर से संबंध रखने पर निलंबित किया गया। बागसेवनिया थाने में दर्ज जालसाजी के एक मामले में अनुशासनहीनता पाए जाने पर एएसआई के अलावा प्रधान आरक्षक को लाइन हाजिर कर दिया गया।
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