Fake IPS Officer News: एक दिन की रिमांड पर ली गई आरोपी के खुलासे के बाद अफसर तटस्थ हुए, पहले पीड़ित का मोबाइल दूसरे मामले की पीड़िता के आरोपी के रुप में मिला

भोपाल। प्रदेश के बहुचर्चित फर्जी आईएएस तृप्ति सिंह के खिलाफ भोपाल शहर के बागसेवनिया थाने में दर्ज हुए दो प्रकरणों में तकनीकी पेंच आ गया है। इस मामले के एक पीड़ित जो शहर के ही एक थाने के प्रभारी के रिश्तेदार है उनसे जुड़ा होने के चलते प्रकरण को प्रभावित करने के कथित आरोप लगने लगे हैं। दरअसल, एक दिन के लिए बागसेवनिया थाना पुलिस (Fake IPS Officer News) ने 26 फरवरी को उसे पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया था। तृप्ति सिंह ने दावा किया है कि वह ग्राहकों को लेकर आता था। हालांकि पेंच आने के बाद इस मामले की निगरानी एडीसीपी मिनी शुक्ला की निगरानी में यह जांच आ गई है।
यह है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार मूलत: बनारस (Banaras) की रहने वाली तृप्ति सिंह (Tripti Singh) के खिलाफ पहला प्रकरण रोहित लिल्हारे (Rohit Lilhare) ने दर्ज कराया था। वह फिलहाल बागसेवनिया (Bagsewania) स्थित संत आशाराम नगर Sant Asharam Nagarमें रहती है। इस प्रकरण में उसके भाई सुधांशु सिंह, प्रखर सिंह और भूपेंद्र बैरागी को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने सभी आरोपियों को सितंबर के पहले सप्ताह में गिरफ्तार कर लिया है। प्रखर सिंह (Prakhar Singh) मामा का बेटा है जो कि उत्तर प्रदेश (UP) के लखनऊ (Lucknow) में रहता है। उसे भी इस फर्जीवाड़े की भनक थी। वहीं भूपेंद्र बैरागी (Bhupendra Bairagi) वाहन चालक था जो अपनी किराए की कार में भारत सरकार लिखकर चलता था। सभी आरोपियों के खिलाफ अशोक नगर (Ashok Nagar) के कोतवाली थाने में भी प्रकरण दर्ज हुआ था। यह प्रकरण अगस्त के अंतिम सप्ताह में दर्ज हुआ था। अशोक नगर में दर्ज प्रकरण के बाद ही तृप्ति सिंह के कई मामले सामने आने लगे थे। उनमें से एक मामला बागसेवनिया थाने के पास वीडियो से पहुंचा था। वीडियो (Video) विधानसभा का बताकर सोशल मीडिया में वायरल हुआ था। जिसमें दिखाई दे रही महिला ख्याति धौलपुरे (Khyati Dholpure) बागसेवनिया थाने पहुंची थी। उसने बताया कि वीडियो मानव संग्रहालय का है। उन्होंने बताया कि तृप्ति सिंह ने उसको Tourism Department में अतिरिक्त संचालक बताकर रौब दिखाया था। उससे भी नौकरी लगाने के नाम पर करीब डेढ़ लाख रुपए ऐंठे गए थे। ख्याति धौलपुरे की एफआईआर में तृप्ति सिंह के अलावा एक मोबाइल (Mobile) नंबर को आरोपी बनाया गया था। वह मोबाइल नंबर अब रोहित लिल्हारे का बताया जा रहा है। हालांकि थाना प्रभारी अमित सोनी (TI Amit Soni) ने बताया कि रोहित लिल्हारे पीड़ित है उसके खाते से रकम तृप्ति सिंह को पहुंची है। इसी बात की उसने शिकायत दर्ज कराई है। लेकिन, तृप्ति के खाते से रकम रोहित लिल्हारे के खाते में नहीं आई है। मामले में कॉल डिटेल के अलावा बैंक में हुए लेन-देन की पड़ताल अभी पूरी होना बाकी है। इधर, रोहित लिल्हारे के साथ अयोध्या नगर (Ayodhya Nagar) थाने में निरीक्षण करते हुए तृप्ति सिंह की तस्वीरें भी सामने आई है। उस थाने के प्रभारी महेश लिल्हारे (TI Mahesh Lilhare) हैं।
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