Bhopal Double Murder: संदेह के आधार पर दो सगे भाईयों को पुलिस ने हिरासत में लिया, फर्जी तरीके से बना लिया था दानपत्र, मरने वाली शकुंतला की भाभी के जरिए हुई थी मुख्य आरोपी से पहचान, मृतक हेमंत की इटारसी में स्थित प्रॉपर्टी को बेचते वक्त बनाई थी हत्या करने की योजना

भोपाल। ऐशबाग इलाके में कमरे के भीतर मिले वृद्ध दंपति हेमंत फिलेमोन और उनकी पत्नी शकुंतला बारीक की हत्याकांड में भोपाल पुलिस (Bhopal Double Murder) को महत्वपूर्ण सुराग मिल गया है। पुलिस ने इस मामले में 14 जुलाई की दोपहर कजलीखेड़ा इलाके से दो सगे भाईयों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। आरोपियों ने जिस कट्टे से गोली मारी थी उसको कजलीखेड़ा नाले में ही फेंका गया था। उसे बरामद करने के लिए तीन थानों की टीम 15 जुलाई की सुबह से आरोपियों को ले जाकर छानबीन कर रही है। इधर, क्राइम ब्रांच ने मामले में पूर्व से संदेही चल रहे मरने वाले दंपति के भाई—भाभी को भी हिरासत में लिया है।
इटारसी में संपत्ति बेचते समय हुई थी पहचान

पुलिस सूत्रों की माने तो इस दोहरे हत्याकांड में 15 जुलाई की शाम तक पुलिस की तरफ से कोई खुलासा किया जा सकता है। जिन संदेहियों को हिरासत में लिया गया है उनके नाम श्रीकांत (Shrikant) और शशिकांत (Shashikant) हैं। दोनों सगे भाई है जिनमें एक प्रॉपर्टी का काम करता है। श्रीकांत ने शकुंतला की भाभी शिबानी बारीक (Shivani Barik) की ऋषिपुरम (Rishipuram) में स्थित प्रॉपर्टी 2021 में बेचने में मदद की थी। इस संपत्ति पर शिबानी के बेटे जो गायक कलाकार थे उसके लिए स्टूडियो बनाया था। बेटे का दिल का दौरा आने से अचानक निधन हो गया था। शकुंतला के पति हेमंत फिलेमोन (Hemant Philemon) की इटारसी (Itarsi) में संपत्ति थी जिसको बेचने के लिए शिबानी ने ही मुलाकात कराई थी। इसके बाद यह संपत्ति बेचने के लिए दो बार पॉवर आफ अटॉर्नी बनाई गई थी। जिसमें विवाद की बात शुरुआती जांच में सामने भी आई थी। हेमंत और शकुंतला की दो—दो शादियां थी। इसलिए पुलिस ने जांच के लिए पहले पति और पत्नी के परिवार को भी पूछताछ के लिए बुलाया था। जिसके बाद क्राइम ब्रांच (Crime Branch) और एसआईटी (SIT) को महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगना शुरु हो गए थे।
फर्जी तरीके से बना लिया था दानपत्र

इस पूरे मामले में पता चला है कि आरोपी ने एक फर्जी दानपत्र तैयार किया था। जिसकी भनक मरने वाले दंपति और उनके रिश्तेदारों को भी नहीं थी। यह कागजात मिलने के बाद ही जांच की दिशा बदली। पुलिस को वह दंपत्ति भी मिल गया है जो जिस घर में हत्या हुई थी वहां किराए से रहता था। वह अचानक जांच के दौरान गायब हो गया था। उन्होंने भी हिरासत में लिए गए दो संदेही भाईयों को पहचान लिया है। उनके सीसीटीवी फुटेज पुलिस के पास पहले से मौजूद थे। इस पूरे हत्याकांड को लेकर राजधानी में काफी चर्चा है। वहीं पुलिस पर भी इसके जल्द खुलासे का भारी दबाव है। आरोपियों की गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपए का ईनाम भी रखा गया है।
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