Bhopal Double Murder: पूर्व डीजे गिरिबाला सिंह और उनके बेटे की आवाज की तरह संदेहियों पर रखी गई थी निगरानी, दो सगे भाईयों के बाद मुख्य आरोपी की पत्नी और बेटे भी मददगार बनने पर गिरफ्तार

भोपाल। वृद्ध दंपति हेमंत फिलेमोन और उनकी पत्नी शकुंतला बारीक भोपाल शहर के ऐशबाग इलाके में हुए मर्डर केस (Bhopal Double Murder) को सुलझाने पुलिस ने सीबीआई की तकनीक को अपनाया। इसमें मामले की संदेही शिबानी बारीक और मुख्य आरोपी श्रीकांत चिचलैया की रिकॉर्डिंग दो नंबर के रास्ते पुलिस ने सुनी थी। इसी फॉर्मूले पर दिल्ली सीबीआई अभिनेत्री ट्विशा शर्मा खुदकुशी मामले की पड़ताल कर रही है। अदालत में आवाज के नमूने को लेकर अभी भी बहस जारी है।
बड़े तालाब से बरामद हुई पिस्टल
पुलिस सूत्रों की माने तो ऐसा करने की विधिक अनुमति ली जाती है। लेकिन, पुलिस के सामने कोई विकल्प नहीं था। इसलिए दो नंबर के रास्ते इस तकनीक को अपनाकर मामले की कड़ियां जोड़ी गई और नतीजे तक पहुंचा जा सका। पुलिस का कहना है कि प्रकरण में लगभग आठ आरोपी बन सकते हैं। इसमें अभी तक पुलिस ने मुख्य आरोपी, उसके छोटे भाई, बड़े बेटे के अलावा पत्नी को गिरफ्तार किया है। सूत्रों की माने तो मुख्य आरोपी श्रीकांत चिचलैया (Shrikant Chichlaiya) के पुराने कारनामे और उजागर होने वाले हैं। खासतौर से विवादित जमीन पर कब्जा करने के मामलों को खंगाला जा रहा है। इधर, 16 जुलाई को आठ घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल पिस्टल (Pistol) को बड़े तालाब से बरामद कर लिया है। इन हथियारों को श्रीकांत की पत्नी बिनी (Bini Chichlaiya) और बेटे हृदय (Hirday Chichlaiya) ने ठिकाने लगाया था। पुलिस के अनुसार कजलीखेड़ा (Kajlikheda) स्थित विंडसर पॉम कॉलोनी (Windsor Palm Colony) में रहने वाले श्रीकांत चिचलैया और उसके छोटे भाई शशिकांत चिचलैया (Shashikant Chichlaiya) रिमांड पर मौजूद हैं।
इसलिए पुलिस ने मां—बेटे को बनाया आरोपी

दोनों बिनी और हृदय को पता था कि हत्याकांड को अंजाम देने की योजना बनाई जा रही है। आरोपी बेटा पिता और अपने चाचा को कार (Car) में बैठाकर सुभाष नगर (Subhash Nagar) आरओबी पर उतारकर चला गया था। इसके बाद पिता और चाचा ने फोन करके टीटी नगर (TT Nagar) स्थित तुलसी नगर (Tulsi Nagar) में लेकर जाने के लिए बुलाया था। आरोपी श्रीकांत जानता था कि हत्याकांड का खुलासा होने के बाद उसे पुलिस बुलाएगी। इस कारण उसने बचाव के लिए तीन अधिवक्ताओं को मदद के लिए अग्रिम में ही सूचित कर दिया था। क्राइम ब्रांच (Crime Branch) में हत्याकांड के पांच दिन बाद जब पहली बार श्रीकांत को बुलाया गया तो वह तीन वकीलों के साथ पहुंचा था। वहां उस दिन पत्नी और बेटे भी आए थे। आरोपी श्रीकांत ने उसी दिन इशारों में बताया था कि सामान को ठिकाने लगा दो। दोनों कार लेकर बड़े तालाब में पहुंचे। एक पिस्टल (Pistol) को रुमाल में तो दूसरे पिस्टल को पन्नी में बांधकर राजा भोज प्रतिमा के पास नजर बचाकर फेंका गया। हालांकि यह सच्चाई गुरुवार को चल रही छानबीन के दौरान में नहीं बताई। आरोपी मां-बेटे ने पहले करबला में उसको फेंकना बताया था। जिस कारण पुलिस को हथियार निकालने में करीब छह घंटे लग गए। पुलिस अब इस पिस्टल को बेचने वाले आगर मालवा के व्यक्ति को आरोपी बनाने की तैयारी कर रही है। जिसके संबंध में आरोपी का पता लगाने एक टीम ने वहां डेरा डाल रखा है। इसके अलावा दूसरी टीम आरोपियों के मोबाइल (Mobile) कॉल डिटेल को भी निकालने जा रही है। खासतौर पर जनवरी, 2025 से लेकर अभी तक का रिकॉर्ड टेलीकॉम कंपनी से मांगा जा रहा है। दरअसल, आरोपी ने इस दौरान हत्याकांड को अंजाम देने के लिए योजना बनाई थी।
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