Bhopal Fraud News: अजाक्स में जुड़ने वाले व्यक्ति के खिलाफ एक पखवाड़ा पूर्व कोर्ट ने कार्रवाई के दिए थे आर्डर, कार्रवाई की बजाय मामले को लटका रही थी टीटी नगर पुलिस

भोपाल। डीजीपी कैलाश मकवाना (DGP Kailash Makwana , पुलिस कमिश्नर संजय कुमार (Police Commissioner Sanjay Kumar) से शिकायत के बाद आखिरकार भोपाल (Bhopal Fraud News) शहर की टीटी नगर पुलिस ने जालसाजी का प्रकरण दर्ज कर लिया। इससे पहले अजाक्स के पदाधिकारी इस मुद्दे को लेकर धरना-प्रदर्शन भी कर चुके हैं। मामला निजी क्षेत्र का होने के बावजूद संस्था को सरकारी बताकर उसकी सदस्यता लेने और संस्था की राशि का दुरुपयोग करने का मामला है।
विभिन्न आयोजनों के लिए वसूली राशि का भी हिसाब नही दिया
इस संबंध में टीटी नगर (TT Nagar) पुलिस ने मुकेश मौर्य (Mukesh Mourya) को आरोपी बनाया है। वे मुरैना (Morena) जिले के रहने वाले है जो कि ग्वालियर (Gwalior) में निजी संस्था माधव इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालॉजी एंड साइंस (Madhav Institute of Technology and Science) का संचालन करते हैं। इसी संस्था को उन्होंने शासकीय बताकर मध्यप्रदेश अनुसूचित जाति-जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारी संघ (अजाक्स) की सदस्यता ले रखी थी। उन्होंने सदस्यता के लिए स्वयं को मशीन अटेंडेंट बताया था। यह गड़बड़ी प्रदेश अध्यक्ष जेएन कंसोटिया (JN Kansotiya) के कार्यकाल में उजागर हुई थी। जिसके संबंध में कोर्ट में प्रांतीय महासचिव राजवीर अग्निहोत्री (Rajveer Agnihotri) की तरफ से याचिका लगाई गई थी। जांच में पता चला है कि मुकेश मौर्य ने अपने कार्यकाल में वसूली राशि 17 लाख, 95 हजार रुपए का हिसाब भी नहीं दिया। इस राशि में से 12 लाख, 94 हजार, 290 रुपए की रकम अजाक्स संस्था के कर्मचारियों से विभिन्न आयोजनों के लिए वसूली थी। इन राशियों का भी वे हिसाब नहीं दे रहे थे। इसलिए उन्हें कई नोटिस देने के बाद बैठक करने के बाद जुलाई, 2023 को संस्था से निकाल दिया गया था।
थाना पुलिस ने दबा रखी थी फाइल
इस मामले को लेकर कोर्ट ने कार्रवाई करके रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए थे। लेकिन, पुलिस ने पूरे मामले को दबा दिया। जिस कारण दो दिन पूर्व अजाक्स (AJAKS) का एक प्रतिनिधि मंडल पुलिस महानिदेशक और पुलिस आयुक्त से मिला था। जिसके बाद टीटी नगर थाना पुलिस ने जालसाजी, प्रतिभूतियों को प्रभावित करने का प्रयास, दस्तावेजों की कूटरचना, कूटरचित दस्तावेजों का इस्तेमाल और गबन की धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया है। यह आदेश न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी विजय कुमार पाठक की अदालत से मिले थे। इस संबंध में एक सितंबर को जांच प्रतिवेदन के साथ रिपोर्ट दर्ज करने के लिए बोला गया था। इससे पहले पिछले साल यह प्रकरण टीटी नगर थाने में जा चुका है। अदालत के आदेश पर 11 सितंबर को पुलिस ने जालसाजी का प्रकरण 787/26 दर्ज कर लिया है। पुलिस ने अभी एफआईआर में मुकेश मौर्य को आरोपी बनाया है। जांच के बाद इसमें आरोपियों की संख्या बढ़ सकती है।
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