Bhopal Property Fraud: दिल्ली के सतबाड़ी फार्म्स खरीदने का तीन साल पूर्व हुआ था सौदा,खरीददार से पैसा लेकर जमीन मालिक तक न पहुंचाकर हड़पने का आरोप

भोपाल। दिल्ली के एक चर्चित फार्म्स हाऊस को खरीदने हुआ सौदा पुलिस थाने में पहुंच गया। भोपाल (Bhopal Property Fraud) शहर की गोविंदपुरा थाना पुलिस ने इस मामले में गबन का मुकदमा दर्ज किया है। यह सौदा तीन साल पूर्व हुआ था। जिसमें आरोपी दिल्ली के एक व्यक्ति को बनाया गया है जिन्होंने मध्यस्थता की भूमिका निभाई थी।
बयाना राशि वापिस मांगने पर चेक बाउंस केस की दी धमकी
गोविंदपुरा (Govindpura) थाना पुलिस के अनुसार बागसेवनिया (Bagsewania) थाना क्षेत्र में स्थित अरविंद विहार कॉलोनी (Arvind Vihar Colony) में मयंक मिश्रा पिता सीके मिश्रा उम्र 36 साल रहते हैं। उनका गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल एरिया (Govinpura Industrial Area) में ट्रांसफार्मर निर्माण से संबंधित कार्य हैं। मयंक मिश्रा (Mayank Mishra) ने जुलाई, 2023 में दिल्ली के सतबाड़ी फार्म्स (Satbari Farmhouse) को खरीदने बालकिशन राठी (Balkishan Rathi) से एग्रीमेंट किया था। यह एग्रीमेंट दिल्ली (Delhi) में रहने वाले मोहम्मद रईस अली (Mohammad Raees Ali) के जरिए संपन्न हुआ था। मोहम्मद रईस अली से कारोबारी के वाहन चालक हरबीर की पहचान थी। उसके ही जरिए हुई मुलाकात के बाद फार्म हाऊस का सौदा एक करोड़, 40 लाख रुपए में तय हुआ था। मयंक मिश्रा ने आईएसबीटी (ISBT) में पहला भुगतान 20 लाख रुपए और फिर 30 लाख रुपए का भुगतान मोहम्मद रईस अली के जरिए किया गया। इस रकम की पुष्टि फॉर्म हाऊस के मालिक बालकिशन राठी ने भी की थी। इसके बाद मोहम्मद रईस अली ने दो चेक से भुगतान लिए। उसका कहना था कि यह चेक बालकिशन राठी के कहने पर वह ले रहा है। यह जारी करने के बाद मयंक मिश्रा ने राठी से संपर्क साधा तो उन्होंने बताया कि उन्होंने सौदा निरस्त करने का फैसला मोहम्मद रईस अली के कहने पर लिया है। उनके पास किसी तरह का चेक (Cheque) भी नहीं पहुंचा है। इसके बाद पता चला कि बयाने के तौर पर दिए गए 50 लाख रुपए भी उसके पास हैं। रकम वापसी को लेकर मोहम्मद रईस अली के साथ विवाद की स्थितियां बनने लगी। वह मयंक मिश्रा को चेक बाउंस केस लगाने की धमकी देने लगा। गोविंदपुरा थाना पुलिस ने इस फर्जीवाड़े के मामले में 06 जुलाई को गबन का प्रकरण 563/26 दर्ज किया है। जिसमें हवलदार के जरिए पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। जबकि मामला संगीन और रसूखदारों से जुड़ा था। इसके बावजूद लचर तरीके से दर्ज हुई एफआईआर में थाना पुलिस की कार्रवाई विवादों में हैं। इस मामले में थाना प्रभारी अवधेश सिंह तोमर (TI Awadhesh Singh Tomar) ने एक करोड़, 40 लाख रुपए के सौदे को लेकर कोई कार्रवाई होने से ही इंकार कर दिया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि उक्त प्रकरण आला अधिकारियों के दखल के बाद दर्ज किया गया है।
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