Bhopal Fraud News: निसर्ग होटल मालिकों की संपत्ति पिरामल बैंक ने बंधक बताकर नीलाम कर दी

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Bhopal Fraud News: सवा दो करोड़ रुपए की रकम लेकर मालिकाना हक फर्जी तरीके से दिलाया, संदिग्ध आचरण वाले चार अधिकारियों के नाम सामने आए, भारतीय रिजर्व बैंक के दिशा-निर्देशों के पालन पर घिरा बैंक

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ग्राफिक डिजाइन टीसीआई

भोपाल। राजधानी के मुख्य कमर्शियल सेंटर एमपी नगर जोन-1 स्थित आकांक्षा काम्पलेक्स (Akansha Complex) के सात दुकानों की पिछले साल हुई नीलामी विवादों में आ गई है। इन दुकानों को मैसर्स पिरामल केपीटल एंड हाऊसिंग फायनेंस लिमिटेड (M/s Piramal Capital & Housing Finance Limited) ने बंधक बताकर करीब सवा दो करोड़ रुपए की बोली में बेचा था। संपत्ति पर कब्जा लगभग एक साल बना रहा। लेकिन, उसके बाद अचानक होटल निसर्ग (Hotel Nisarg) के मालिक ने उसे अपनी बताकर वहां लगे ताले तोड़कर कब्जा कर लिया। अब यह मामला भोपाल शहर के एमपी नगर थाने में पहुंचा है। जिसमें जांच के बाद नीलाम करने वाली बैंक के खिलाफ पुलिस ने जालसाजी का प्रकरण दर्ज कर लिया है।

विधिवत कब्जा दिलाने के बावजूद किया फर्जीवाड़ा

एमपी नगर (MP Nagar) थाना पुलिस के अनुसार इस संबंध में शिकायत एसीपी दिव्या झारिया (ACP Divya Jhariya) से हुई थी। संपत्ति को नीलामी में मनेंद्र प्रताप सिंह (Manendra Pratap Singh) पिता हेत सिंह उम्र 45 साल ने खरीदा था। वे माता मंदिर के नजदीक रिवेयरा टाऊन (Riviera Town) में रहते हैं। उन्हें आकांक्षा काम्पलेक्स (Akansha Complex) की जी-5 से जी-9 और जी-11 एवं 12 के नीलाम होने के संबंध में मार्च, 2025 में समाचार पत्र से पता चला था। एमपी नगर स्थित आकांक्षा काम्पलेक्स की उक्त संपत्ति का निरीक्षण फील्ड एजेंट अभय ने कराया। वहीं बैंक के सक्षम अधिकारियों विश्वेश सिंह चंदेल(Vishwesh Singh Chandel), सुशील वैश्य (Sunil Vaishya) और अन्य कर्मचारियों ने उन्हें बैंक की तरफ से विधिवत कब्जा दिलाकर लेने का प्रस्ताव रखा। वे बैंक की बातों में आ गए और उन्होंने नीलामी में भाग लिया। उन्होंने सभी सात दुकानों पर सवा दो करोड़ रुपए की अंतिम बोली लगाई थी। नीलामी प्रक्रिया 26 मार्च, 2025 को पूरी होने के बाद उन्हें नजूल कार्यालय और कोर्ट की तरफ से कब्जा दिलाया गया। उक्त संपति पर बैंक की मदद से अप्रैल, 2025 में पंजीयन भी कराया गया। दुकानों के सामने विधिवत तस्वीरें भी खींची गई। मनेंद्र प्रताप सिंह 6 मार्च, 2026 को वहां पहुंचे तो पता चला कि उनका लगा ताला टूटा था। इसके अलावा वहां पर मंजू गुप्ता (Manju Gupta), रेणु गुप्ता (Renu Gupta) और अर्चना गुप्ता (Archna Gupta) का नाम लिखकर एक मोबाइल नंबर था। उसमें फोन किया गया तो उसे अनिल गुप्ता (Anil Gupta) ने उठाया। उन्होंने बताया कि वे रेणु गुप्ता के पति हैं। वे कारोबारी है और एमपी नगर में ही निसर्ग होटल(Nisarg Hotel)  के मालिक भी है। संपत्ति पर उन्होंने अपना मालिकाना हक जताया। इसके बाद बैंक के भीतर चल रहे बंदरबाट की परते सामने आई। सवा दो करोड़ रुपए चले जाने के बावजूद संपत्ति पर मालिकाना हक नहीं होने पर मनेंद्र प्रताप सिंह सदमे में आ गए। दरअसल, उन्होंने उक्त संपत्ति खरीदने के लिए भारी लोन भी लिया है। इस बात की शिकायत अफसरों से मिलकर दर्ज की गई। अब मामले की जांच कर रहे एसआई शिवराज सिंह (SI Shivraj Singh) ने बताया कि प्रकरण में बैंक अफसरों को नोटिस देकर दस्तावेज की पड़ताल की जाएगी। जिसमें सच्चाई सामने आने के बाद आरोपियों के नाम बढ़ाएं जाएंगें। इस संबंध में भारतीय रिजर्व बैंक से भी नीलामी प्रक्रिया को लेकर दिशा-निर्देश मांगे जा रहे हैं। एमपी नगर थाना पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर लिया है।

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