Bhopal News: वाहन चालक फर्जीवाड़े को जानते हुए भी भारत सरकार की लगा रखा था नेम प्लेट, फर्जी आईएएस कांड में अब तक चार गिरफ्तारी

भोपाल। फर्जी आईएएस कांड में नया खुलासा करते हुए भोपाल (Bhopal News) शहर की बागसेवनिया थाना पुलिस ने बताया है कि उसकी मदद सगा मामा के अलावा वाहन चालक भी करता था। इसलिए उन्हें गिरफ्तार करके रिमांड पर लिया गया है। जिनसे कूटरचित दस्तावेज नौकरी लगाने से संबंधित बरामद भी किए गए हैं। इस मामले में अभी तक पुलिस चार आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
प्रखर सिंह से बनवाती थी फर्जी दस्तावेज
बागसेवनिया (Bagsewania) थाना प्रभारी अमित सोनी (TI Amit Soni) ने बताया कि तृप्ति सिंह(Tripti Singh) मूलत: बनारस की रहने वाली है। यहां संत आशाराम नगर (Sant Asharam Nagar) में वह पिता सुनील सिंह (Sunil Singh) के साथ रहती है। तृप्ति सिंह और उसके भाई सुधांशु सिंह (Sudhanshu Singh) के खिलाफ रोहित लिल्हारे (Rohit Lilhare) और गगन उपवंशी (Gagan Upvanshi) के साथ पर्यटन विभाग (Tourism Department) की होटल की लीज दिलाकर करोड़ों रुपए का फर्जीवाड़ा किया गया था। इससे पहले तृप्ति सिंह और उसके भाई सुधांशु सिंह को अशोक नगर (Ashok Nagar) के चंदेरी पुलिस ने अपने यहां गिरफ्तार दो मामलो में पूछताछ की थी। भाई-बहन से हुई पूछताछ के बाद पता चला कि वह नौकरी लगाने और लीज से संबंधित पत्राचार के फर्जी दस्तावेज प्रखर सिंह (Prakhar Singh) से बनवाती थी। वह उत्तर प्रदेश के लखनऊ में रहता है। उसे भी इस फर्जीवाड़े की भनक थी। गिरफ्तार आरोपी प्रखर सिंह का तृप्ति की मामा का बेटा है। इसके अलावा उसके वाहन चालक भूपेंद्र बैरागी (Bhupendra Bairagi) को भी गिरफ्तार किया गया है। वह तृप्ति सिंह को आईएएस साबित करने के लिए अपनी किराए की कार में भारत सरकार लिखकर चलता था।
ससुर को फंसाने भाई से दिलाई थी धमकी
तृप्ति सिंह ने बिल्डर ससुर को चुप कराने के लिए भी योजना बनाई थी। वह नींद की गोलियां खाकर नर्मदा अस्पताल (Narmada Hospital) में भर्ती हो गई थी। क्योंकि उसका पति के साथ विवाद चल रहा है। दोनों के बीच तलाक का केस है। तृप्ति ने अपने ही ससुराल के एक रिश्तेदार को नौकरी लगाने का झांसा देकर पैसा ऐंठ लिए था। यह बात ससुर की पता चली तो उसने नींद की गोलियां खाकर ससुर और पति को फंसाने की योजना बनाई थी। हालांकि ससुर थाने पहुंच गए तो मामले ने दूसरा रूप ले लिया। बागसेवनिया पुलिस कुछ करती उससे पहले अशोक नगर जिला पुलिस ने तृप्ति और उसके भाई को जालसाजी के मामले में दबोच लिया।
खबर के लिए ऐसे जुड़े

हमारी कोशिश है कि शोध परक खबरों की संख्या बढ़ाई जाए। इसके लिए कई विषयों पर कार्य जारी है। हम आपसे अपील करते हैं कि हमारी मुहिम को आवाज देने के लिए आपका साथ जरुरी है। हमारे www.thecrimeinfo.com के फेसबुक पेज और यू ट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें। आप हमारे व्हाट्स एप्प न्यूज सेक्शन से जुड़ना चाहते हैं या फिर कोई घटना या समाचार की जानकारी देना चाहते हैं तो मोबाइल नंबर 7898656291 पर संपर्क कर सकते हैं।