Bhopal Cyber Fraud: दो व्यक्तियों के खातों से निकली पांच लाख, 40 हजार रुपए की रकम

भोपाल। सायबर फ्रॉड के लिए जालसाज नई तकनीक अब विकसित करने लगे हैं। ऐसा ही एक चौंका देने वाला मामला भोपाल (Bhopal Cyber Fraud) शहर के कोलार रोड थाने में पहुंचा है। जालसाज ने मैट्रोमोनियल वेबसाइट पर अपनी प्रोफाइल अपलोड की थी। जिसमें एक युवती ने संपर्क किया तो उसने अपना रसूख दिखाते हुए रिश्तेदार को नौकरी लगाने का झांसा दिया। इससे पहले वह शादी की सिर्फ बातचीत ही करता रहा। वह कभी भी राजधानी भोपाल में रहने के बावजूद परिवार से मिलने नहीं आया।
नौकरी लगाने का दिया प्रलोभन
कोलार रोड (Kolar Road) थाना पुलिस के अनुसार अनुराधा सिंह (Anuradha Singh) पति प्रतीक सिंह उम्र 37 साल दानिश कुंज (Danish Kunj) में रहती हैं। वे शेयर ट्रेडिंग (Share Trading) का काम करती हैं। उनकी भतीजी मोनिका यादव (Monika Yadav) की शादी की बातचीत चल रही थी। जिसके लिए बिहार (Bihar) के रहने वाले वीर बहादुर यादव (Veer Bahadur Yadav) के वह संपर्क में आई। उसके बारे में जानकारी मैट्रोमोनियल साइट से लगी थी। दोनों के बीच कुछ समय बातचीत होने लगी। आरोपी वीर बहादुर यादव ने बताया कि वह नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (National Highways Authority Of India) में नौकरी करता है। वह इंदौर (Indore) में रहता है और फिलहाल भोपाल में हैं। शादी के बीच बातचीत करते हुए उसने मोनिका यादव को अपने ही विभाग में नौकरी लगाने का प्रलोभन दिया। लेकिन, उसने इंकार करते हुए परिचित मुस्कान गोयल (Muskan Goyal) को नौकरी लगाने के लिए 3 जुलाई को उसके बताए खाते पर 41 हजार तीन सौ रुपए भेज दिए। नौकरी की तारीख 18 जुलाई बताई गई। इसके बाद जालसाज अन्य व्यक्तियों को भी नौकरी के लिए संपर्क करने और पैसा देने के लिए बोल रहा था। जालसाज वीर बहादुर यादव बार-बार दूसरों को नौकरी लगाने और पैसा जमा करने के लिए बोल रहा था। जिस कारण पीड़ित परिवार को शक हुआ और मामला पुलिस थाने में पहुंचा। कोलार रोड थाना पुलिस ने इस मामले में जालसाजी का प्रकरण 547/26 दर्ज कर लिया है। पुलिस आरोपी का पता लगाने मोबाइल कॉल डिटेल के अलावा जिस खाते में रकम पहुंची उसके जरिए सुराग तलाश रही है। इधर, ऐशबाग (Aishbag) थाना पुलिस ने पांच लाख, 99 हजार रुपए सायबर फ्रॉड होन का प्रकरण 386/26 दर्ज किया है। पुलिस ने बताया शरीफ अहमद कुरैशी पिता मोहम्मद हनीफ उम्र 61 साल अफकार कॉलोनी में रहते हैं। उनकी रकम आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) के खाते से 4 सितंबर को निकली है। रकम एफडी से बिना अनुमति निकाली गई। शरीफ अहमद कुरैशी (Shareef Ahemad Qureshi) ने इस मामले में बैंक प्रबंधन की लापरवाही भी बताई है। आरोपी जालसाजों ने इंटरनेट बैंकिंग के जरिए वृद्ध के खाते में सेंध लगाई थी। जालसाजों ने तीन किस्त में रकम निकाली है। भोपाल सायबर क्राइम (Bhopal Cyber crime) ने इस मामले की शुरुआती जांच भी की है। जिसके संबंध में पूछताछ के लिए बैंक को भी नोटिस भेजा जा रहा है।
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