Bhopal News: प्रोफेसर और आर्मी के रिटायर्ड अधिकारी के गुट थाने पहुंचे,पुलिस ने कार्रवाई की बजाय अहस्तक्षेप का बताया मामला

भोपाल। दो गुट 12 जुलाई को भोपाल देहात क्षेत्र के परवलिया सड़क में आमने-सामने हो गए। एक गुट सेना से रिटायर्ड अधिकारियों का था। जबकि दूसरा पक्ष भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान से जुड़े प्रोफेसरों का था। विवाद की वजह सार्वजनिक मार्ग (Bhopal News) का इस्तेमाल को बताया जा रहा है। यह सड़क का मामला कोर्ट में विचाराधीन भी है। इसलिए पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ कार्रवाई करने से इंकार करते हुए अहस्तक्षेप योग्य मामला बताकर जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ लिया।
यह है पूरा मामला जिसकी वजह से विवाद बढ़ गया
जानकारी के अनुसार इंदौर बायपास पर रक्षा विहार कॉलोनी (Raksha Vihar Colony) हैं। इसमें अधिकांश घर आर्मी से रिटायर्ड अधिकारियों के हैं। इस कॉलोनी का निकासी जिस मार्ग में हैं वह विवादित हैं। दरअसल, वहां एक निजी कॉलोनी हैं। निजी कॉलोनी में अधिकांश आईसर के प्रोफेसर, कर्मचारी रहते हैं। विवाद ने इतना तूल लिया कि संवाद के दौरान नौबत हाथापाई तक पहुंच गई। जिसमें आईसर (IISER) के प्रोफेसर विनीत कुमार शर्मा (Professor Vineet Kumar Sharma) के कपड़े भी फट गए थे। वहीं दूसरी तरफ से आर्मी (Army) से रिटायर्ड अधिकारी राममोहन सिंह सेंगर (Ram Mohan Singh Sengar) थे। दोनों पक्षों के कई लोगों ने थाने पहुंचकर जमकर अपनी बात रखने के लिए भारी बवाल किया। इस दौरान थाने में काफी देर तक विवाद जैसी स्थिति बनी रही। रक्षा विहार कॉलोनी के रहवासियों का आरोप है कि कॉलोनी से सटी निजी कॉलोनी विकसित करने विवादित रास्ते को चौड़ा किया गया था। वह स्थायी मार्ग नहीं हैं। इस कारण न्यायालय में अपील लगाई गई है। इसके बावजूद विवादित सड़क पर लगाए जा रहे निषेधाज्ञा सूचना को लगाते वक्त रोका गया। उसे लगाया गया तो कुछ देर बाद राममोहन सिंह सेंगर उनके बेटे, रिश्तेदारों और सुरक्षाकर्मियों ने उसे हटाने का काम किया। विवाद बढ़ने पर प्राध्यापक विनीत शर्मा के साथ मारपीट की गई और उनके कपड़े फाड़ दिए गए। बीच-बचाव करने पहुंचे रिटायर्ड कमांडर अरविंद शुक्ला (Commander Arvind Shukla), पूर्व विंग कमांडर मनीष मिश्रा (Commander Manish Mishra) सहित अन्य लोगों के साथ भी अभद्रता की गई। पुलिस का कहना है कि हमने एनसीआर की कार्रवाई की है। मामले की जांच कर रहे हैं कोई अपराध पाया जाएगा तो प्रकरण दर्ज किया जाएगा।
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