Sunil Joshi : मर्डर केस की फिर खुलेगी फाइल, प्रज्ञा के खिलाफ हाईकोर्ट जाएगी सरकार

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कम नहीं हो रहीं मुश्किलें, कांग्रेस के टारगेट पर प्रज्ञा

प्रज्ञा ठाकुर और सुनील जोशी

भोपाल। भोपाल लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी की प्रत्याशी प्रज्ञा ठाकुर की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रहीं है। अब मध्यप्रदेश सरकार ने उनके खिलाफ हाईकोर्ट जाने की तैयारी कर ली है। सरकार ने सुनील जोशी (Sunil Joshi)  हत्याकांड (Murder case) की फाईल दोबारा खोलने की तैयारी कर ली है। बता दें कि इस मामले में प्रज्ञा ठाकुर (Pragya Thakur) आरोपी रहीं है। 2017 में इस मामले के सभी 8 आरोपियों को निचली अदालत ने ठोस सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था। संघ प्रचारक सुनील जोशी की हत्या 2007 में देवास के औद्योगिक क्षेत्र में गोली मारकर की गई थी।

मध्यप्रदेश के कानून मंत्री पीसी शर्मा (PC Sharma) ने कहा कि प्रज्ञा ठाकुर ने जिस तरह महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताया, शहीद हेमंत करकरे का अपमान किया, इससे ये इंगित होता है कि सुनील जोशी हत्याकांड की दोबारा जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पहले वह इस मामले में कानूनी राय लेंगे जिसके बाद आगे की प्रक्रिया पर विचार किया जाएगा।

पीसी शर्मा ने कहा कि ‘फाइल बंद करने से पहले कलेक्टर को इसे कानून विभाग के पास भेजना चाहिए था जो कि नहीं हुआ। अब हमने फाइल मंगवाई है। हम उस पर  लीगल ओपनियन लेंगे फिर आगे की उच्च अदालत में अपील करेंगे।’

बता दें कि प्रज्ञा ठाकुर के चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद से उनकी मुश्किलें बढ़ती ही जा रहीं है। अपने विवादित बयानों के लिए वे चुनाव आयोग से फटकार भी खा चुकी है। उन्हें आयोग ने प्रचार करने से रोका भी था। फिर राष्ट्रपिता को लेकर की गई टिप्पणी पर प्रज्ञा ठाकुर अपनी ही पार्टी में घिर गई है। पीएम मोदी ने भी उनके बयान की निंदा की थी।

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दूसरी तरफ मालेगांव बम ब्लास्ट की मुख्य आरोपी प्रज्ञा ठाकुर को एनआईए की विशेष अदालत में हर हफ्ते पेश भी होना होगा। हाल ही में कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश होने के निर्देश दिए थे। बता दें कि स्वास्थ्य कारणों की वजह से हाईकोर्ट ने प्रज्ञा ठाकुर को जमानत दी है। बम ब्लास्ट के मामले में उन्होंने 9 साल जेल में बिताए है।

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