Inter State Vehicle Gang : एसटीएफ ने कुख्यात बदमाशों को दबोचा

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Inter State Vehicle Gangजबलपुर और सतना में चल रहे हत्या के मामले, दुर्घटनाग्रस्त या कबाड़ हो चुकी व्हीकल के रजिस्ट्रेशन नम्बर डालकर बेचते थे

भोपाल। स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने इंटर स्टेट व्हीकल गैंग (Inter State Vehicle Gang) का खुलासा किया है। एसटीएफ ने इस मामले में तीन आरोपियों को दबोचा हैं। जिसमें से दो आरोपियों पर हत्या के मामले दर्ज है। इनमें एक आरोपी फरार चल रहा था जिस पर इनाम भी घोषित था।
यह जानकारी देते हुए एसटीएफ एसपी राजेश सिंह भदौरिया ने बताया कि आरोपियों को भोपाल से दबोचा गया है। गैंग का मास्टर माइंड अलीम उर्फ सोनू पिता इब्राहिम है। वह जबलपुर के हनुमान ताल थाना क्षेत्र के मोती नाला इलाके का रहने वाला है। उसका दूसरा साथी जबलपुर के अंसार नगर में रहने वाला साजिद खान पिता समद खान उम्र 42 साल है। आरोपियों को ईको स्पोर्टस कार के साथ दबोचा गया। इसे बेचने के लिए दोनों जबलपुर से भोपाल आए थे। आरोपियों ने कार में जो नम्बर लिखा था वह फर्जी निकला। यह वाहन पूर्व में कबाड़ में जा चुका है। आरोपियों ने पूछताछ में स्कार्पियो, स्विफ्ट और फॉरच्यूनर कार को भी चोरी करना कबूला है। आरोपियों ने पूछताछ में दो 16 पहियों के ट्रक भी चोरी करना कबूला है। हत्या के मामले में गिरफ्तार हो चुके आरोपियों ने बताया कि अंतरराज्यीय गैंग (Inter State Vehicle Gang) में दूसरे कई अन्य साथी भी शामिल है। जिसका फिलहाल एसटीएफ ने खुलासा नहीं किया है।

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ऐसे करते थे फर्जीवाड़ा
साजिद और अलीम से पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि वे वाहनों को चोरी करने के बाद उन कार का नम्बर इस्तेमाल करते थे जो फायनेंस की गाडिय़ों या फिर कबाड़ हो चुकी कार का नम्बर लिखकर उसे बेच देते थे। जिस वाहन को वह बेचते थे उस वाहन के असली नंबर के खिलाफ स्थानीय थाने में चोरी की रिपोर्ट दर्ज करा देते थे। ताकि उनका राज उजागर न हो सके।

मददगार भी आरोपी बना
अलीम और साजिद को विनायक वैली निवासी विनोद राय पिता मांगीलाल राय पनाह देता था। एसटीएफ ने उसे भी आरोपी बनाया है। आरोपियों के खिलाफ चोरी, जालसाजी का मुकदमा समेत कई अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है। एसटीएफ ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपियों ने पूछताछ में बताया है कि वाहनों के दस्तावेज बनाने में बालाघाट में रहने वाला एक व्यक्ति मदद करता था। फिलहाल वह एसटीएफ को नहीं मिल सका है।

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इस मामले में थी तलाश
पूछताछ में पता चला है कि अलीम और साजिद पर हत्या के मुकदमे दर्ज है। साजिद के खिलाफ सतना में 2014 में तो अलीम के खिलाफ 2017 में जबलपुर के गोहलपुर थाने में हत्या का मामला दर्ज है। अलीम हत्या के मामले में फरार चल रहा है। इस मामले में उसके ऊपर पांच हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया गया है। अलीम पर आधारताल थाने में चोरी का भी मामला दर्ज है। इस मामले में भी वह फरार है जिसमें पांच हजार रुपए का इनाम है।

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अब तक यह कबूला
अलीम और साजिद ने बताया है कि उन्होंने नागपुर और मैसूर में ले जाकर चोरी किए गए ट्रक को बेच दिया है। इसके अलावा अन्य वाहन भी बेचने की जानकारी आरोपियों ने दी है। आरोपी मध्यप्रदेश के अलावा महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान से कार चुराकर दूसरे राज्यों में बेच देते थे।

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