Bhopal News: एफएसएल को एक बस के भीतर केरोसिन होने के संकेत मिले,बसों की फिटनेस, परमिट, बीमा समेत एक दर्जन बिंदुओं में परिवहन विभाग से मांगी पुलिस ने रिपोर्ट,फोरेंसिक की टीम आईएसबीटी पर जांच करने दोबारा पहुंची

भोपाल। राजधानी के अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (आईएसबीटी) के भीतर वर्मा ट्रैवल्स की आठ बसों में लगी आग लगने के 28 घंटे बाद भोपाल (Bhopal News) शहर के गोविंदपुरा थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है। जिसके बाद पुलिस ने अपनी जांच तेज कर दी है। पुलिस की तरफ से परिवहन विभाग से एक दर्जन से अधिक बिंदुओं में रिपोर्ट मांगी जा रही है। वहीं एफएसएल टीम को प्राथमिक विवेचना में केरोसिन जैसा पदार्थ बस के भीतर मिलने के सबूत मिल रहे हैं। जिस कारण मंगलवार दोपहर नए सिरे से फिर जांच शुरु की गई है।
आगजनी की घटना हादसा है या साजिश
गोविंदपुरा (Govindpura) थाना प्रभारी अवधेश सिंह तोमर (TI Awadhesh Singh Tomar) ने 26 अक्टूबर रात लगभग 11 बजे थाने में आवेदन वर्मा ट्रेवल्स (Verma Travels) की तरफ से दिया गया है। उन्होंने बताया कि घटना स्थल की प्राथमिक जांच सोमवार रात एफएसएल (FSL) ने की थी। जिसमें कुछ बिंदुओं पर सबूत जुटाने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस उन बिंदुओं पर पड़ताल कर रही है। आगजनी की घटना हादसा है या साजिश यह पता लगाने पुलिस की तरफ से जली हुई बसों के संबंध में परिवहन विभाग (Transport Department) से रिपोर्ट मांगी जा रही है। इसमें बीमा, फिटनेस, परमिट, बस मालिक से लेकर तमाम बिंदु शामिल है। वहीं बसों में तैनात कर्मचारियों की भी जानकारी ली जा रही है। पुलिस यह पता लगा रही है कि जिन बसों में आग लगी उसे नियमित कौन चलाने का काम करता था। इसके अलावा जिस दिन घटना हुई उस वक्त कौन कर्मचारी ड्यूटी पर था। थाना प्रभारी ने बताया कि एफएसएल और आरटीओ से मांगी जा रही रिपोर्ट के बाद पुलिस की तरफ से आगे जांच के बिंदु तय किए जाएंगे।
निगम की कंपनी बीसीएलएल भी जांच की जद में आई
पुलिस सूत्रों ने बताया कि प्रत्येक बस में आपातकालीन निकासी (Emergency Exit) द्वार के अलावा आग बुझाने वाले संयंत्र होने या नहीं होने को लेकर भी जांच के बिंदु में शामिल हैं। आईएसबीटी (ISBT) का संचालन भोपाल नगर निगम (Bhopal Nagae Nigam) की मदद से होता है। इसमें निगम की तरफ से बनाई गई बीसीएलएल कंपनी (BCLL Company) निजी बस आपरेटरों से प्रति बस 40 रुपए का शुल्क वसूलती है। पुलिस की प्राथमिक जांच में वाहनों की सुरक्षा संबंधित मानकों को लेकर कई लापरवाहियां उजागर हो रही है। पुलिस ने घटना वाले दिन सीसीटीवी फुटेज की भी जांच करने का काम शुरु कर दिया है। आठ बसों में लगी आग को लेकर पुलिस ने आशंका जताई है कि यह हादसा नहीं हैं। इसलिए वह योजना के पीछे वास्तविक मकसद का पता लगाने तकनीकी तरीके से अनसुलझे सवालों का उत्तर हासिल करने का प्रयास करेगी। इधर, इस पूरे मामले में वर्मा ट्रैवल्स बस के संचालक दीपक वर्मा (Deepak Verma) से प्रतिक्रिया लेने का काफी प्रयास किया गया। उन्होंने किसी तरह का जवाब नहीं दिया।
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