Bhopal Court News: साली पर 56 और पत्नी को आधा दर्जन चाकू से किए थे वार,सस्पेंड एएसआई को कोर्ट ने सुनाई सजा, राजधानी के बहुचर्चित साढ़े चार मिनट के भीतर हुए दोहरा हत्याकांड,डेढ़ साल में डेढ़ दर्जन से अधिक सबूत बने निर्णय का कारण

भोपाल। राजधानी के लिए 15 अक्टूबर का दिन फैसलों वाला रहा। जिला न्यायालय के अलग-अलग कक्षों में हुई अंतिम बहस के बाद चार मामलों (Bhopal Court News) में निर्णय न्यायाधीश की तरफ से सुनाया गया। उसमें ऐशबाग (Aishbag) इलाके में हुए चर्चित दो सगी बहनों के दोहरे हत्याकांड का मामला भी था। उस मामले के आरोपी निलंबित एएसआई योगेश कुमार मरावी को दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। उसने साली मेधा के शरीर में 56 बार चाकू से वार किए थे। जबकि पत्नी विनीता पर आधा दर्जन वार किये थे। इसके अलावा तीन अन्य फैसलों में नाबालिग से ज्यादती, जालसाजी और आरोपी के पैरोल से फरार होने के मामले में भी सजा के अलग-अलग आर्डर दिए गए हैं।
पत्नी को आगे बढ़ने नहीं देना चाहता था आरोपी
न्यायाधीश सुचिता श्रीवास्तव की अदालत ने दोहरे हत्याकांड (Double Murder) में सजा सुनाई। इस मामले में जिला अदालत (District Court) के समक्ष विशेष लोक अभियोजक सुधा विजय सिंह भदौरिया ने तर्क पर बहस की थी। उन्होंने बताया कि उनके सेवाकाल का यह बेहद मार्मिक मामला था। घटना 3 दिसंबर, 2024 को ऐशबाग (Aishbag) स्थित प्रभात चौराहे के नजदीक अपार्टमेंट की फ्लैट में हुई थी। आरोपी योगेश कुमार मरावी (ASI Yogesh Kumar Maravi) बालाघाट (Balaghat) में पदस्थ था। उसकी शादी विनीता (Vineeta) के साथ हुई थी। साली मेधा (Medha) खादी ग्रामोद्योग विभाग में नौकरी करती थी। आरोपी घर में काम करने वाली नौकरानी सेवंती की आड़ में भीतर पहुंचा। उसने सिर्फ साढ़े चार मिनट में साली को 56 और पत्नी को आधा दर्जन चाकू से वार करके निर्मम हत्या कर दी थी। दोहरे हत्याकांड में विचारण मई, 2025 से शुरु हुआ। कठघरे में घटना की प्रत्यक्षदर्शी नौकरानी के बयान विरोध में जाने लगे। सुधा विजय सिंह भदौरिया ने बताया कि जिस कारण उन्होंने एफएसएल (FSL) और फोरेंसिक रिपोर्ट और भौतिक साक्ष्य को आधार बनाकर आरोपी को सख्त सजा दिलाने के लिए मेहनत की थी। उन्होंने बताया कि आरोपी एएसआई था और पत्नी को आगे बढ़ने नहीं देना चाहता था। पत्नी विनीता ने एसआई की भर्ती परीक्षा उत्तीर्ण कर ली थी। लेकिन, पति उसे मारपीट करके शारीरिक परीक्षा से वापस ले आया था। जिसके बाद वह बहन के साथ रहते हुए मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग परीक्षा की तैयारी कर रही थी। आरोपी को इसी बात की रंजिश थी और उसे लगता था कि पूरे विवाद की जड़ में उसकी साली है। इसलिए उसने बड़ी बेरहमी से निर्मम हत्याकांड को अंजाम दिया। कोर्ट ने सजा के साथ एक-एक हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है। इसके अलावा चाकू रखने के मामले में तीन साल और एक हजार रुपए के अर्थदंड की सजा दी है।
ज्यादती मामले में दस साल की सजा
वहीं पॉक्सो एक्ट मामले के विशेष न्यायाधीश मनोहर लाल पाटीदार ने ज्यादती के मामले में दस साल की सजा सुनाई है। यह मामला गोविंदपुरा (Govindpura) थाने में मई, 2021 में दर्ज हुआ था। जिसका आरोपी सुंधाशु वर्मा (Sudhanshu Verma) था। वह नाबालिग को घुमाने के बहाने होटल में ले जाकर ज्यादती की थी। इससे पहले पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज किया था। कोर्ट ने सजा के अलावा ज्यादती के प्रकरण में दस हजार रुपए और झांसा देकर अगवा करने की धारा में एक हजार रुपए अर्थदंड भी दिया है।
पैरोल पर फरार होने पर दो साल की सजा

इसी तरह न्यायाधीश जयदीप मौर्य ने पैरोल में फरार होने के एक मामले में आरोपी गब्बर उर्फ मनोहर (Gabbar@Manohar) को दो साल की सजा सुनाई है। उसके खिलाफ गांधी नगर (Gandhi Nagar) थाना पुलिस ने अक्टूबर, 2023 में प्रकरण दर्ज कराया था। आरोपी को विदिशा (Vidisha) जिले से आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। उसे 17 मई, 2023 को सौलह दिन की पैरोल पर छोड़ा गया था। लेकिन, उसके बाद वह वापस नहीं लौटा। इधर, आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) में दर्ज जालसाजी के मामले में आरोपी गौरव कुमार शर्मा (Gaurav Kumar Sharma) की जमानत आवेदन को निरस्त कर दिया गया। यह निर्णय भ्रष्टाचार निवारण मामले के विशेष न्यायाधीश श्रीराम प्रताप मिश्र ने सुनाया। आरोपी मैसर्स कनका फूड मैनेजमेंट सर्विसेज प्रायवेट लिमिटेड (M/s Kanaka Food Management Services Private Limited) कंपनी का प्रबंधक हैं। इस कंपनी को श्रमोदय आवासीय विद्यालय (Shramoday Residential School) में मेस संचालन का काम मिला हुआ था। उसने 2023 में अपनी ही कंपनी के नाम से मेल खाती संस्था बनाई थी। जिसमें प्रोपरायटर हर्ष मरजानी (Harsh Marjani) को बनाया गया था। वास्तविक कंपनी की तरफ से जून, 2024 में बैंक ऑफ बड़ौदा (BOB) के मूल खाते की बजाय मेल खाती कंपनी के एयू स्मॉल बैंक (AU Small Bank) में भुगतान के लिए बोला गया था। इसी शिकायत पर ईओडब्ल्यू ने प्रकरण दर्ज
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