MP Cop News: राजधानी में सीनियर सिटीजन्स की सुरक्षा को लेकर मुद्दा गर्माया, मेन पॉवर सप्लाई एजेन्सियों की निर्देशिका की सत्यता जांचने की मांग उठी, शहर के कई संवेदनशील इलाके वयोवृद्ध नागरिकों के कारण बने, रिटायर्ड आईएएस अधिकारियों ने भी जताई चिंता

भोपाल। राजधानी में एक साल के भीतर घरेलू नौकरों के लूटपाट और हत्या जैसे घटना को अंजाम देने के बाद अब मेन पॉवर सप्लाई कराने वाली एजेन्सियों (MP Cop News) की निर्देशिका की पड़ताल को लेकर मुद्दा गर्मा गया है। दरअसल,रिटायर्ड आईएएस ऑफिसर राकेश अग्रवाल की चाकू से गला रेंतकर की गई हत्या के बाद इसे पुरजोर मिल रहा है। शहर में आधा दर्जन से अधिक ऐसे स्थान हैं जहां रिटायर्ड सीनियर सिटीजन रहते हैं। उनके परिवार के सदस्य विदेशों में होने के कारण घरेलू कर्मचारियों के भरोसे उनका निर्वहन होता है।
इन दो मामलों में केयरटकर थे आरोपी
प्रदेश के वयोवृद्ध डीजीपी रहे एचएम जोशी (HM Joshi) के अरेरा कॉलोनी (Arera Colony) स्थित घर में मारपीट करके लूटपाट करने की कोशिश रफीक ने की थी। यह घटना अप्रैल, 2025 में हुई थी। उसे मेट्रो प्लॉजा (Metro Plaza) स्थित मेन पॉवर सप्लाई उपलब्ध कराने वाली एजेंसी से रखा गया था। इसी तरह,अवधपुरी (Awadhpuri) स्थित श्रीराम परिसर (Shriram Parisar) में रहने वाले और पन्ना डायमंड कंपनी के रिटायर्ड कर्मचारी वयोवृद्ध मोहन चौधरी (Mohan Chaudhry) पर हमला करके लूटपाट की घटना 25 सितंबर की सुबह हुई थी। इसमें उनके यहां काम करने वाली महिला कर्मचारी समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
मेन पॉवर सप्लाई देने वाली एजेंसियों की सत्यता की हो जांच
राकेश अग्रवाल (IAS Rakesh Agrawal) की हत्या की जानकारी मिलने के बाद प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों का तांता उनके सेवनिया गौड गांव में स्थित निवास पर लग गया। जिसमें आईएएस अधिकारियों में राधेश्याम जुलानिया, इकबाल सिंह बैस, मनोज श्रीवास्तव, शैलेंद्र सिंह, मैथिलीशरण गुप्त समेत अन्य अधिकारी पहुंचे थे। घटना के बाद पत्नी निशी अग्रवाल (Nishi Agrawal) की हालत बेहद खराब हैं। उन्हें सांत्वना देने के बाद घर से निकले अधिकांश पूर्व अधिकारियों ने शहर में मेन पॉवर सप्लाई देने वाली एजेंसियों की जांच करने और उसके भौतिक सत्यापन को लेकर निर्देशिका (Directory) तय करने के लिए सुझाव दिया गया। सभी अधिकारियों ने इसके लिए भोपाल पुलिस को प्रत्येक थानों में एक जिम्मेदारी तय करने वाली व्यवस्थाओं को बनाने पर बल दिया। सभी अधिकारियों ने घटना को लेकर चिंता जताते हुए ई-कॉमर्स कंपनियों के कर्मचारियों को भी इसमें शामिल करने का सुझाव दिया। इस वक्त राजधानी में कई मानव संसाधन उपलब्ध कराने वाली एजेंसियां संचालित हैं। जिस व्यक्ति ने रातीबड़ (Ratibarh) में वारदात की है वह वर्मा होम केयर (Verma Home Care) नाम की एजेंसी से आया था। जिसका दफ्तर बागसेवनिया (Bagsewania) स्थित गणेश मंदिर के पास है। उसके संचालन का काम अखिलेश वर्मा (Akhilesh Verma) करते हैं। शहर में अधिकांश संस्थाएं अप्रशिक्षित कर्मचारियों को उनसे कमीशन लेकर उन घरों में सेवाएं देने का अवसर प्रदान कर रही है जो देखरेख करने के नियम की समझ ही नहीं रखते हैं।
प्रशासनिक सेवा के अधिकारी भाई ने निभाई जिम्मेदारी

राकेश अग्रवाल की हत्या एफएसएल के अनुसार 29—30 सितंबर की दरमियानी रात लगभग एक बजे से दो बजे के बीच की है। उनकी पत्नी निशी अग्रवाल घटना के बाद से काफी स्तब्ध हैं। मामले में संदेही आरोपी वरुण कुमार (Varun Kumar ) ने राकेश अग्रवाल और उनकी पत्नी के कमरे का गेट बाहर से बंद करके भागा था। बेटा अमेरिका में रहता है। जिस कारण निशी अग्रवाल के दो भाईयों ने जिम्मेदारी निभाई। वे भोपाल पहुंचे और पूरे घर की देखरेख से लेकर परिवार की मदद कर रहे हैं। एक भाई दिल्ली केडर के रिटायर्ड आईएस अधिकारी नलिन सिंघल (IAS Nalin Singhal) हैं। जबकि दूसरा भाई गुडगांव की कंपनी में बड़े पद पर नौकरी करते हैं। पुलिस को प्राथमिक जांच में पता चला है कि पटियाला (Patiala) की जिस मेन पॉवर सप्लाई एजेंसी ने संदेही वरुण कुमार की सत्यता प्रमाणित की थी उसके ही आधार पर उसे नौकरी पर रखा गया। हालांकि उसके प्रमाण पत्र की अवधि समाप्त हो चुकी थी। राकेश अग्रवाल इससे पहले दो अन्य एजेंसियों की भी सेवाएं ले चुके थे। जिनके कर्मचारियों से असंतुष्ट होकर उन्हें लौटा दिया था।
आखिरी पार्सल बैरंग लौटा
राकेश अग्रवाल का जहां निजी बंगला है उसके आस-पास सारे भूखंड खाली है। घर के सामने पनघट परिसर (Panghat Parisar) की सुरक्षा दीवार है। यह दीवार लगभग 20 फीट ऊंची है। अग्रवाल काफी खुशमिजाज व्यक्तित्व रखते थे। उनके परिचितों में मध्यप्रदेश प्रशासनिक अधिकारियों में काफी जुड़ाव था। जिस कारण घर में पहुंचने वालों में प्रशासनिक के अलावा आयकर, वन, पुलिस सेवा के अधिकारी भी शामिल थे। अग्रवाल ने कुछ दिन पहले अपने लिए टूथब्रश (Toothbrush) बुक किया था। जिसको लेकर ई-कॉमर्स कंपनी का कर्मचारी भी 30 सितंबर की दोपहर पहुंचा। उसे जब घटना का पता चला तो वह भी काफी मायूस होकर उनके आखिरी पार्सल (Parcel) को बोलकर अपने साथ लेकर वापस करने के लिए चला गया।
खबर के लिए ऐसे जुड़े

हमारी कोशिश है कि शोध परक खबरों की संख्या बढ़ाई जाए। इसके लिए कई विषयों पर कार्य जारी है। हम आपसे अपील करते हैं कि हमारी मुहिम को आवाज देने के लिए आपका साथ जरुरी है। हमारे www.thecrimeinfo.com के फेसबुक पेज और यू ट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें। आप हमारे व्हाट्स एप्प न्यूज सेक्शन से जुड़ना चाहते हैं या फिर कोई घटना या समाचार की जानकारी देना चाहते हैं तो मोबाइल नंबर 7898656291 पर संपर्क कर सकते हैं।