Bhopal Gun Shot: डीसीपी जोन-1 ने जांच में संदिग्ध आचरण मानते हुए निलंबित किया

भोपाल। रातीबड़ स्थित गोरा गांव में एक पखवाड़े पूर्व एक-एक करके 11 गोलियां चलाने के मामले में भोपाल (Bhopal Gun Shot) शहर के बागसेवनिया थाने के कांस्टेबल को सस्पेंड कर दिया गया है। आरक्षक पर आरोप है कि उसने हमला करने वाले आरोपियों को पनाह दिया। सभी आरोपी बागसेवनिया की एक होटल में ठहरे थे।
आरोपियों के साथ पाई गई लोकेशन
जानकारी के अनुसार 10-11 सितंबर की दरमियानी रात लगभग पौने तीन बजे ग्यारह गोलियां चलाने की वारदात हुई थी। उसमें फॉरच्यूनर कार (Car) एमपी-13-जेडटी-5456 चिन्हित हुई थी। यह कार कोलार रोड (Kolar Road) स्थित दानिश हिल्स (Danish Hills) में रहने वाले नीतेश ठाकुर की पत्नी रिचा ठाकुर (Richa Thakur) के नाम पर थी। नीतेश ठाकुर (Nitesh Thakur) भी रियल स्टेट का कारोबारी है। उसका नाम एक साल पहले कोलार रोड इलाके में ही हुए किडनैप के सनसनीखेज मामले में भी आया था। इसमें ट्रेफिक पुलिस (Traffic Police) के एक सिपाही का नाम भी सामने आया था। नीतेश ठाकुर के साथ कार में लखन मारण (Lakhan Maran) और मनीष दांगी (Manish Dangi) भी थे। जिनके खिलाफ राजा उर्फ संतोष सिंह तोमर (Raja@Santosh Singh Tomar) पिता ज्ञान सिंह तोमर उम्र 58 साल शिकायत कर रहे थे। वे रातीबड़ (Ratibarh) स्थित गौरा गांव में रहते हैं और रियल स्टेट कारोबारी भी है। लखन मारण बड़े तालाब के कैचमेंट एरिया में कॉलोनी काटकर बेच रहे थे। इसी बात को लेकर प्रशासन ने नोटिस दिया था। जिसके बाद आरोपियों ने 3 सितंबर को कार्यालय में जाकर नीतेश ठाकुर और मनीष दांगी ने धमकाया था। उस दिन वे धमकाने के बाद चले गए थे। जिस दिन गोली चलाई उससे पहले भी फोन करके धमकाया गया था। उसक बाद गोलियां मारकर राजधानी में सनसनी फैलाई गई थी। पुलिस ने इस मामले मं नीतेश ठाकुर को दिल्ली (Delhi) से उस वक्त गिरफ्तार किया था जब वह थाईलैंड भागने की फिराक में था। उसकी गिरफ्तारी के बाद ही बागसेवनिया (Bagsewania) थाने के आरक्षक सत्यभान गुर्जर (Constable Satyabhan Gurjar) की लोकेशन आरोपियों के साथ पाई गई। जांच प्रतिवेदन जोन-1 डीसीपी अखिल पटेल (DCP Akhil Patel) के कार्यालय से जोन-2 डीसीपी विकास सहवाल को भेजा गया। जिसमें हुई जांच में पता चला कि वारदात के बाद आरोपी बेस्टीयन होटल (Bastian Hotel) में ठहरे थे। उसी होटल में कांस्टेबल भी पहुंचा था। यह प्रमाणित होने के बाद डीसीपी जोन-2 ने 24 सितंबर को आरक्षक को निलंबित कर पुलिस लाइन अटैच कर दिया।
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