Bhopal Cyber Fraud: नौ दिन के भीतर हुई 37 वारदातों की समीक्षा में सामने आया कड़वा सच, बिजली काटने की धमकी और बैंक कर्मचारी बनकर झांसा देना हुआ आम, सर्वाधिक वृद्धों के खातों को निशाना बनाया

भोपाल। राजधानी में हर एक घंटे के भीतर में पीड़ितों के खाते से लगभग 35 हजार रुपए निकालने का काम हैकर कर रहे हैं। यह बात पिछले नौ दिनों के भीतर में दर्ज हुए आंकड़ों की समीक्षा करने के बाद सामने आई है। जिसमें जालसाजों (Bhopal Cyber Fraud) ने 37 पीड़ितों को अपना निशाना बनाया। इसमें सर्वाधिक संख्या वृद्ध और महिलाओं की रही हैं। जिसमें 75 लाख रुपए से ज्यादा की रकम ऐंठी गई है। जालसाजों के वारदात करने के तरीकों में बिजली काटने की धमकी देना एक सामान्य तरीका बन गया है।
औसतन प्रतिदिन चार पीड़ित पहुंच रहें है। थाने
जानकारी के अनुसार इस समस्या से भोपाल शहर को कोई भी थाना अछूता नहीं रहा है। सर्वाधिक जालसाजी के मुकदमे बागसेवनिया (Bagsewania) और ऐशबाग (Aishbag) थाने में दर्ज हुए हैं। आंकड़ों के अनुसार औसतन प्रतिदिन चार पीड़ित सायबर धोखाधड़ी के थानों में प्रकरण दर्ज कराने पहुंच रहे हैं। यह डायरी पहले भोपाल सायबर क्राइम (Cyber Crime) में जांच के लिए पहुंचती हैं। जिसके बाद एफआईआर के लिए थानों को भेजी जाती है। पुलिस की माने तो प्रतिदिन एक दर्जन शिकायतें राष्ट्रीय हेल्प लाइन से जांच करने के लिए मिल रही हैं।
स्टाफ की कमी भी बड़ी वजह
पुलिस के अनुसार प्रतिदिन दर्ज हो रही शिकायतों के समाधान के लिए भोपाल सायबर क्राइम के पास टीम ही मौजूद नहीं हैं। जितने भी मामले सुलझाए जा रहे हैं उसमें एक कॉमन गिरोह पर केंद्रीत होकर जांच करके लिंक तलाशी जा रही हैं। हालांकि मनी ट्रेल का तुरंत पता लगाकर खातों को फ्रीज कराकर पीड़ितों को नुकसान ज्यादा होने से बचाया जा रहा है।
यह है आसान तकनीक

नौ दिनों में दर्ज 37 मामलों की समीक्षा करने पर पता चला कि सर्वाधिक मामले बिजली का बिल काटने की धमकी से जुड़े हैं। ऐसे मामलों की संख्या सात है जिसमें वृद्धों को सर्वाधिक निशाना बनाया गया है। इसके बाद बैंक का कर्मचारी बनकर क्रेडिट लिमिट बढ़ाने का झांसा दिया गया है। तीसरे नंबर पर घर बैठे पैसा कमाने का लालच देकर ठगना हैं। इन सभी मामलों में महिलाओं को निशाना बनाकर पैसा ऐंठा गया है।
सायबर क्राइम की तरफ से एडवाइजरी जारी
इधर, भोपाल सायबर क्राइम ने एडवायजरी (Advisory) जारी की है। जिसमें जिप फाइल, डॉट ईएक्सई और डॉट डीएलएल फाइल को डाउनलोड न करने की सलाह दी गई है। यह एंड्रायड मोबाइल (Mobile) के मदर बोर्ड में घुसकर सिस्टम को हैक कर लेता है। इसके बाद जालसाज ओटीपी, पासवर्ड जानने के बाद खाता खाली कर सकता है।
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