लकड़ी से लदे वाहनों से पैसा लेते सिपाही कैमरे में हुआ कैद, राज खुला तो रिपोर्टर को बेरहमी से पीटा
इंदौर। सैंया भए कोतवाल तो डर (Power Misuse) काहे का, इस कहावत को इंदौर पुलिस ने चरितार्थ कर दिखाया है। मामला एक सिपाही की आम रोड पर की जा रही अवैध वसूली से जुड़ा है। इसको एक दैनिक सांध्य अखबार के रिपोर्टर ने अपने कैमरे में कैद कर लिया। जिसकी भनक लगते ही सिपाही ने उस रिपोर्टर की पुलिसिया डंडे से बुरी हालत कर दी।
जानकारी के अनुसार यह पूरा मामला सोशल मीडिया में भी वायरल हुआ। जिसके बाद कार्रवाई करने की बजाय इंदौर वेस्ट एसपी सूरज वर्मा ने उसे ठंडे बस्ते में डाल दिया। इस मामले में सिपाही के खिलाफ मामला दर्ज करके संबंधित सबूतों को जुटाने की कार्रवाई की जानी थी। लेकिन, एसपी ने सिपाही को लाइन अटैच करके पूरे मामले को ही बदल दिया। अब यह लापरवाही पूरे देश-विदेश में देखी जा रही है। जिसमें पुलिस के अफसर खामोश है। डंडा मारते वक्त सिपाही कपिल धमका (Power Misuse) भी रहा है। वह यह कहता हुआ भी दिख रहा है कि उसका कोई क्या बिगाड़ लेगा। हालांकि यह बात बाद में साबित भी हुई। उसे केवल थाने से लाइन हाजिर करके एसपी को लगा कि उन्होंने बहुत बड़ी कार्रवाई कर दी।
देखिए गलती पकड़ में आते ही कैसे पीटा

ग्रामीण इलाकों में वसूली
मामला मानपुर थाने भी पहुंचा। जिसमें थाना प्रभारी सविता चौधरी ने जांच की। जिसकी रिपोर्ट बनाकर एसपी को दी गई। शिकायत सचिन जाट को मिली थी। सिपाही कपिल है जो उसे जानता था कि वह रिपोर्टर है। इसके बावजूद वह पीटता रहा और दूसरा पुलिसकर्मी इस पिटाई का वीडियो बनाता रहा। सचिन जाट ने बताया कि ग्रामीण अंचलों में सबसे ज्यादा वसूली की जाती है। इसकी सूचना मिलने पर वह स्टिंग कर रहा था। सिपाही गालियां देते और धमकाते (Power Misuse) हुए भी दिख रहा है।
लकड़ी से लदे वाहनों से पैसा लेते सिपाही कैमरे में हुआ कैद, राज खुला तो रिपोर्टर को बेरहमी से पीटा