Bhopal Crime : राजधानी में बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के मामले में पुलिस का ‘असली’ चेहरा आया सामने

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शिकायत दर्ज कराने थाने पहुंचे माता-पिता से पुलिस वालों ने कहा था कि उनकी बेटी भाग गई होगी

सांकेतिक फोटो

भोपाल। राजधानी भोपाल (Bhopal Crime) में 8 साल की बच्ची से हैवानियत की घटना ने हिला कर रख दिया। दिल-दलहा देने वाली ये घटना जितनी भयावह हैं, उससे ज्यादा निंदनीय पुलिस का रवैया सामने आया है। शनिवार शाम बेटी के लापता होने पर माता-पिता थाने पहुंचे थे। लेकिन वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उनसे कह दिया कि उनकी बेटी किसी के साथ भाग गई होगी। थाने से बेवस लौटे माता-पिता स्थानीय पार्षद के पास पहुंचे। उन्होंने मदद की गुहार लगाई।

पार्षद के कहने पर पुलिस वाले पीड़ित परिवार के घर पहुंचे लेकिन वहां भी वर्दी का रौब नहीं छूटा। शिकायत दर्ज करने की बजाए पुलिस वालों ने चाय-नाश्ते की व्यवस्था करने की मांग कर दी। पुलिस वालों के इस रवैये ने बेवस मां-बाप को और भी तोड़ दिया। जब पुलिस ने साथ नहीं दिया तो वे अकेले ही पूरी रात अपनी बेटी को ढूंढ़ते रहे।

लेकिन रविवार की सुबह बेटी तो नहीं मिली लेकिन उसका शव आईआईएफएम के पास मांडवा नाले से बरामद हुआ । पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी। खबर सामने आने के बाद तमाम राजनेता पीड़ित परिवार से मिलने पहुंच रहे है।

वहीं अब घटना सामने आने के बाद गृह मंत्री के आदेश पर 6 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। लेकिन उनके कृत्य पर मिली ये सजा नाकाफी ही लगती है।निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों में SI देव सिंह, दो हवलदार नरेंद्र और जगदीश, चार सिपाही बृजेन्द्र, प्रह्लाद, और वीरेंद्र सिंह शामिल हैं।

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भोपाल सांसद प्रज्ञा ठाकुर पीड़ित परिवार से मिलने उनके घर पहुंची। तो कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह पत्नी अमृता सिंह के साथ कब्रस्तान पहुंच गए। जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा पीड़ित परिवार की हर संभव मदद करने की कोशिश कर रहे है।

खबर लिखे जाने तक आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। हालांकि पुलिस का कहना है कि आरोपी की पहचान कर ली गई है। जल्द ही वो हिरासत में भी होगा।

इस पूरी घटना में पुलिस का जो रवैया सामने आया है। असल में वहीं पुलिस का चेहरा भी है। यकीन न आए तो आप एक आवेदन लेकर किसी भी थाने में जाकर देख लीजिए। पुलिस वाले की बात सुनकर आपकों विश्वास हो जाएगा कि वाकई इन लोगों ने पीड़ित माता-पिता के साथ कैसा व्यवहार किया होगा।

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