Bhopal Murder News: मेल खाते संदिग्ध से होती पूछताछ उससे पहले वृंदावन में बाइक पर घुमता मिला, छह दिन बाद भी खाली हाथ पुलिस के पास प्रतिक्रिया देने का समय भी नहीं

भोपाल। राजधानी में रिटायर्ड आईएएस अधिकारी की हत्या के बाद फरार आरोपी नौकर को दबोचने में पुलिस की किरकिरी हो गई। दरअसल, दिल्ली में एक संदिग्ध व्यक्ति को दबोचा गया। पुलिस उससे पूछताछ करती तब तक बवाल हो चुका था। क्योंकि जिसे पकड़ा गया वह एक संगठन से जुड़ा सक्रिय कार्यकर्ता था। वास्तविक आरोपी (Bhopal Murder News) की लोकेशन वृंदावन में मिलने के बाद पुलिस को अपनी साख बचाने दूसरा रास्ता अपनाकर वापस लौटना पड़ा। हालांकि इन बिंदुओं को लेकर अफसरों की तरफ से आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिल रही है।
वृंदावन में बाइक से जाता दिखा आरोपी
जानकारी के अनुसार आरोपी वरुण कुमार (Varun Kumar) पुलिस के लिए अब सिरदर्द बन चुका है। उसके पास मोबाइल (Mobile) भी नहीं है। जिस कारण उसे पकड़ना पुलिस के लिए सरल नहीं रहा। इस कारण उसके हुलिए से मेल खाते एक संदिग्ध व्यक्ति को दबोचा गया। पुलिस पुष्टि करती उससे पहले सख्ती बरतना शुरु कर दिया। इसलिए मामले ने तूल पकड़ लिया। इधर, मथुरा के नजदीक वृंदावन (Vrindavan) में आरोपी वरुण कुमार बाइक (Bike) से एक जगह जाता हुआ सीसीटीवी कैमरे में दिखाई दिया। यह पता चलने पर दिल्ली में मौजूद टीम को वहां से निकलकर वृंदावन भेजा गया। इधर, हत्याकांड के बाद आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल (IAS Rakesh Agrawal) के परिजनों की तरफ से चार ईमली में स्थित प्रशासनिक भवन में शोक सभा का आयोजन किया गया। जिसमें प्रदेश के मौजूदा और रिटायर्ड कई अधिकारियों के अलावा बुद्धिजीवी नागरिक पहुंचे।
पुलिस की निगाह में एक दर्जन संदिग्ध
बागसेवनिया (Bagsewania) स्थित वर्मा होम केयर (Verma Home Care) एजेंसी की तरफ से वरुण कुमार को 26 सितंबर को सेवानिवृत्त अधिकारी के घर नौकरी पर रखा गया था। एजेंसी के संचालक अखिलेश वर्मा (Akhilesh Verma) हैं जिनसे पुलिस पूछताछ कर चुकी है। आरोपी ने 29-30 सितंबर की दरमियानी रात लगभग बारह बजे से दो बजे के बीच चाकू से गला रेतकर हत्या करने के बाद फरार हो गया था। भागने से पहले वह अग्रवाल का मोबाइल ले गया था। जिसको उसने बीना जंक्शन में चालू किया था। इसके बाद उसने फोन को आगरा (Agra) में शुरु किया। इसके बाद उसकी कोई लोकेशन नहीं मिली। वहीं अग्रवाल का मोबाइल किसी को बेचने की बात भी सामने आई। इस पूरे मामले में एसीपी अंकिता खातरकर (ACP Ankita Khatarkar) और रातीबड़ थाना प्रभारी रास बिहारी शर्मा (TI Ras Bihari Sharma) ने बताया कि आरोपी के लोकेशन के संबंध में कोई ठोस सुराग नहीं मिले हैं। पुलिस की तरफ से तकनीकी प्रयास जारी हैं। उन प्रयासों को साझा करने से जांच प्रभावित हो सकती है।
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