Bhopal Fake Cop News: प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को नौकरी दिलाने का दिया था झांसा, नकली नियुक्ति पत्र की भाषा शैली से सामने आया फर्जीवाड़ा

भोपाल। भारतीय पुलिस सेवा के एक नकली आईपीएस (IPS) अधिकारी को भोपाल (Bhopal Fake Cop News) शहर की एमपी नगर पुलिस ने अरेस्ट किया है। उसने लोक सेवा आयोग और राज्य पुलिस सेवा की भर्ती की तैयारी कर रहे आधा दर्जन से अधिक युवाओं को नौकरी दिलाने का झांसा देकर सात लाख रुपए ऐंठ लिए थे। आरोपी ने फर्जी नियुक्ति पत्र जारी किए उसके बाद उसका फर्जीवाड़ा उजागर हुआ था।
युवाओं को नौकरी दिलाने के दिखाए सपने
एमपी नगर (MP Nagar) थाना पुलिस के अनुसार चार महीने पहले प्रतियोगी परीक्षा के छात्रों से आरोपी की पहचान एमपी नगर स्थित अन्नपूर्णा कैफे (Annpurna Cafe) में हुई थी। आरोपी ऋषि कुमार यादव पिता कौशल किशोर यादव उम्र 38 साल है। वह उत्तर प्रदेश (UP) के झांसाी (Jhansi) जिले का रहने वाला है। उसने युवाओं को झांसा दिया था कि वह 2016 बैच का आईपीएस अधिकारी है। फिलहाल इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में प्रतिनियुक्ति में आया है। ऋषि कुमार यादव (Rishi Kumar Yadav) की कदकाठी और उसका व्यवहार अफसरों जैसा था। इसलिए युवाओं को उसकी बात पर यकीन हो गया। आरोपी ऋषि कुमार यादव ने झांसा दिया कि वह आयकर विभाग (Incometax Department) में इंटेलिजेंस डिपार्टमेंट में Probation Periodके लिए नियुक्ति दिला देगा। इसकी अवधि 11 महीन की होती है जिसके बाद स्थायी नियुक्ति मिल जाएगी। परीवीक्षाधीन अवधि में 25 हजार रुपए और नियमित होने पर 75 हजार रुपए का वेतन दिलाने का झांसा दिया। आरोपी की बातों में आकर आधा दर्जन से अधिक युवाओं ने पहले 25-25 हजार रुपए फिर बार-बार पैसा मांगने पर कई बार में लगभग सात लाख रुपए का भुगतान कर दिया। इसके बावजूद भी नौकरी नहीं लगी तो छात्रों ने दबाव बनाया। जिसके बाद उसने चार लोगों को Appointment letter जारी किया। उसमें लिखी अंग्रेजी भाषा में कई जगह गलतियां मिली तो युवाओं को शक हो गया। जिसके बाद उन्होंने अपने संपर्कों से पहल करके अधिकारियों को घटना के संबंध में बताया। प्राथमिक जांच के बाद उसे घेराबंदी करने की योजना बनाई गई। आरोपी एमपी नगर स्थित मीरा काम्पलेक्स (Meera Complex) में आकर ठहरता था। उसे अन्य युवाओं के आवेदन के बहाने बुलाया गया। इसके बाद 30 अगस्त को उसे दबोच लिया गया। आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद 31 अगस्त को कोर्ट में पेश करके जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी के खातों की जानकारी मांगी गई है। जिसके बाद आरोपी ऋषि कुमार यादव के जाल में फंसने से अन्य पीड़ितों का सुराग मिल सकेगा। उसके खिलाफ अभी तक कोई प्रकरण दर्ज होने की जानकारी सामने नहीं आई है।
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