Bhopal Murder News: हत्या के बाद फरार चल रहे आरोपी ने आगरा के बाद अब मथुरा में मोबाइल चालू कर किया बंद, 72 घंटे से तीन राज्यों में डेरा डाले पुलिस अधिकारियों की टीम में उदासी छाई, ग्वालियर के पते में रहने वाले आरोपी ने पटियाला से बनाया प्रमाण पत्र

भोपाल। रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या (Bhopal Murder News) के बाद फरार चल रहा आरोपी 72 घंटे बाद भी पुलिस को नहीं मिल सका। हालांकि जांच कर रहे अधिकारियों ने शपथ ली थी कि वे पूर्व प्रशासनिक अधिकारी के अंत्येष्टि से पूर्व उसे दबोच लेंगे। अब उस टीम में मायूसी भी छाने लगी हैं। इधर, आरोपी का मोबाइल 01 अक्टूबर की रात मथुरा शहर में कुछ देर के लिए चालू होने के बाद बंद हो गया।
पुरानी सिम को कीपैड मोबाइल में किया इंस्टॉल
रातीबड़ (Ratibarh) थाना पुलिस को प्राथमिक जांच में पता चला है कि आरोपी वरूण कुमार(Varun Kumar) मूलत: ग्वालियर (Gwalior) का रहने वाला है। उसने अपने दस्तावेज पटियाला (Patiala) में रहने वाली बहन के पते पर बनाए थे। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय (PHQ) ने हरियाणा के अलावा उत्तर प्रदेश (UP) पुलिस से भी मदद मांगी है। वहीं सायबर की मदद से आईएमईआई नंबर के तकनीकी विश्लेषण के आधार पर अब टॉवर लोकेशन के जरिए आरोपी को दबोचने का प्रयास शुरु किया गया है। यह करने के लिए पुलिस ने प्रयास किया तो आरोपी का मथुरा (Mathura) में होने का पता चला। उसने अपनी बहुत पुरानी सिम कीपैड मोबाइल (Mobile) में इंस्टॉल किया है। इससे पहले वह राकेश अग्रवाल का एंड्रायड फोन चला रहा था। जांच के लिए पुलिस की टीम ने वरुण कुमार के हत्याकांड से एक सप्ताह पूर्व जिन भी व्यक्तियों से सबसे ज्यादा बातें की गई है उन्हें चिन्हित करके पूछताछ कर ली है। हालांकि कुछ व्यक्ति अभी भी पुलिस को नहीं मिले हैं। पुलिस को शक है कि वरुण कुमार के पकड़ में आने के बाद उसके पुराने कई कारनामें भी सामने आ सकते हैं। इधर, राकेश अग्रवाल को अमेरिका से आए बेटे ने भदभदा विश्राम घाट में मुखाग्नि दी। अंतिम यात्रा रातीबड़ के सूरज नगर (Suraj Nagar) स्थित सेवनिया गौंड के निवास से 02 अक्टूबर की सुबह निकली थी। अंतिम संस्कार कार्यक्रम में भारतीय प्रशासनिक सेवा के मौजूदा और कई पूर्व अधिकारी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि राकेश अग्रवाल (IAS Rakesh Agrawal) की 29-30 सितंबर की दरमियानी रात लगभग बारह बजे से दो बजे के बीच गला रेंतकर हत्या की गई थी। घटना के बाद उसने अलमारियों में रखे सामान को फेंका था। किचन में गैस टंकी का नोजल खोलकर वह अपना बैग उठाकर भागा था। शहर से बाहर रेलवे स्टेशन का पता पूछते हुए वह रात दो बजे कैमरों में दिखाई दिया था। वह अपने साथ राकेश अग्रवाल का फोन ले गया था। वह फोन बीना जंक्शन में शुरु हुआ था।
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