Bhopal Murder News: दस महीने के भीतर चार राज्यों में नौकरी करते हुए कई लोगों के साथ की है घटना, हत्या के मामले में संदेही परिजनों से पूछताछ शुरु, पिता ने की है तीन शादियां, 48 घंटों बाद भी ट्रेन बदलकर पुलिस को चकमा दे रहा आरोपी, व्यवसायिक विवाद में दर्ज प्रकरण की जांच भी शुरु

भोपाल। राजधानी में मध्यप्रदेश प्रशासनिक सेवा के पूर्व अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के मामले में संदेही आरोपी वरुण कुमार दस महीने के भीतर चार राज्यों में नौकरी कर चुका हैं। उसने जहां भी काम किया कुछ दिन बाद घटना (Bhopal Murder News) को अंजाम देकर फरार हुआ है। पुलिस को ऐसे तीन पीड़ितों की जानकारी मिल चुकी हैं। जिसमें मोबाइल और पैसा लेकर वह गायब हुआ था। इधर, रातीबड़ थाना पुलिस ने उसके पूरे परिजनों की कुंडली भी पता लगा ली है। बहरहाल, इस पूरी कवायद में लगे 48 घंटों के बावजूद उसका कोई सुराग पुलिस को नहीं मिल सका है।
जालसाजी के मामले में भी गवाही होने वाली थी
पुलिस सूत्रों के अनुसार मामले का संदेही वरुण कुमार (Varun Kumar) अब प्रकरण में आरोपी बन चुका है। उसने हत्याकांड को अंजाम देने से पहले रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल (IAS Rakesh Agrawal) की पत्नी निशी अग्रवाल (Nishi Agrawal ) का कमरा बाहर से बंद किया था। इसके बाद वह राकेश अग्रवाल के कमरे के भीतर दाखिल हुआ था। वह घर से नकदी के अलावा कीमती जेवरात भी समेटकर फरार है। पुलिस के अधिकारी इसका खुलासा करने से बच रहे है। लेकिन संपत्ति लाखों रुपए की बताई जा रही है। पुलिस ने घर में काम करने वाले दूसरे नौकर अमर सिंह (Amar Singh) की शिकायत पर हत्या, बंधक बनाने और लूटपाट करने का प्रकरण 495/26 दर्ज किया है। अमर सिंह मूलत: उत्तराखंड के रहने वाले हैं और पत्नी नीतू सिंह (Neetu Singh) और बच्चों के साथ सूरज नगर (Suraj Nagar) में स्थित सेवनिया गौंड में राकेश अग्रवाल के बंगले के पीछे बने कर्मचारी आवास में रहते हैं। इधर, घटना में अजीत पाटनी (Ajeet Patni) नाम के एक व्यक्ति का नाम सामने आने के बाद पूरे मामले में नया मोड़ आ गया है। अजीत पाटनी के साथ राकेश अग्रवाल की प्रोफेशनल रंजिश थी। जिसके खिलाफ उन्होंने लगभग 11 महीना पूर्व क्राइम ब्रांच (Crime Branch) में जालसाजी का प्रकरण दर्ज कराया था। इसी मामले की कुछ दिन बाद महत्वपूर्ण गवाही होने वाली थी।
पिता बोला वह घर छोड़कर कभी वापस नहीं लौटा
इधर, पुलिस को प्राथमिक जांच में पता चला है कि वरुण कुमार के पिता ने तीन शादियां की थी। वह पहली पत्नी का बेटा है जिसका निधन हो गया। दूसरी पत्नी से कोई संतान नहीं हुई। वरुण कुमार के पिता ने उसके बाद तीसरी शादी की है। जिस महिला से शादी की है वह साले की पत्नी है। दरअसल, वरुण के पिता उसे भगाकर लाए है। जिस कारण घर में भी कलह की बात सामने आई है। पिता ने पुलिस को बताया है कि वह दस महीने पहले ही घर छोड़कर चला गया था। उसके बाद उससे कोई संपर्क ही नहीं हैं।
पैसा खाते में डालकर निकाला

पुलिस को जांच में पता चला है कि राकेश अग्रवाल के तीन नौकर पहले भी नौकरी छोड़कर गए थे। पुलिस ने उन लोगों को भी थाने बुलाकर पूछताछ की है। जिसमें कोई पुख्ता सबूत उन्हें नहीं मिले। जिस कारण जांच अब सिर्फ वरुण कुमार तक सीमित कर दी गई है। उसके नाम पर जारी अभी तक सारी सिम का पता लगाया। उसके साथ गहरी दोस्ती आगरा में रहने वाले एक व्यक्ति के साथ पाई गई। उसे पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। जांच में पता चला है कि वरुण कुमार मध्यप्रदेश से पूर्व कर्नाटक, जयपुर में भी काम कर चुका है। उसने जहां भी काम किया वहां से किसी व्यक्ति का मोबाइल तो किसी व्यक्ति से नकदी लेकर भाग गया था।
क्या है पूरा मामला
रातीबड़ (Ratibarh) थाना क्षेत्र स्थित सूरज नगर में सेवनिया गौड में रहने वाले 1982 बैच के रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की 29—30 सितंबर की दरमियानी रात बारह बजे से दो बजे के बीच हत्या की गई थी। आरोपी वरुण कुमार है जिसको 26 सितंबर को ही वर्मा होम केयर कंपनी (Verma Home Care Company) के जरिए नौकरी पर रखा गया था। वह भागने से पहले शहर से रेलवे स्टेशन जाने का रास्ता लोगों से पूछता हुआ मिला था। उसे भोपाल शहर में ही रात ढ़ाई बजे तक देखा गया। वह राकेश अग्रवाल का मोबाइल (Mobile) भी ले गया था। उसने बीना जंक्शन (Beena Junction) में उसे चालू किया था।
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