बेस वॉल के बल्ले से सिर पर किया वार, गंभीर हालत में सीएमओ अस्पताल में भर्ती
सतना। मध्यप्रदेश की राजनीति इन दिनों बदली हुई है। यहां भाजपा नेता अवैध काम कराने के लिए अधिकारियों पर जानलेवा हमले कर रहे है। हमले के लिए खेलकूद की सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। बुधवार को इंदौर में जर्जर मकान तोड़ने पहुंचे नगर निगम के अधिकारियों को भाजपा विधायक आकाश विजयवर्गीय क्रिकेट बैट से मारते नजर आए थे। तो वहीं शुक्रवार को एक और सनसनीखेज मामला सतना से सामने आया है।
सतना की रामनगर नगर पंचायत के अध्यक्ष राम सुशील पटेल ने यहां कारनामा कर दिखाया है। पटेल ने अपने गुंडों के साथ मिलकर नगर पंचायत के सीएमओ पर बेसवॉल के बल्ले से जानलेवा हमला कर दिया। हमले में सीएमओ देवरत्नम सोनी बुरी तरह घायल हो गए है। उनके सिर पर बल्ले से वार किए गए है। वीडियो में आप देवरत्नम सोनी को गंभीर हालत में देख सकते है।
3 करोड़ का घोटाला दबाने की कोशिश
हमले के पीछे की वजह जो बताई जा रहीं है। वो हकीकत नहीं है। बताया जा रहा है कि सीएमओ ने कुछ दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को नगर पंचायत से बाहर निकाल दिया था। अध्यक्ष राम सुशील पटेल उन कर्मचारियों को दोबारा नौकरी पर रखवाना चाहते थे। लिहाजा उनका सीएमओ से विवाद हुआ और पटेल ने सीएमओ पर जानलेवा हमला कर दिया।
ये है असल कहानी
बात 2018 की है जब वर्तमान में सीएमओ देवरतन सोनी रामनगर नगर पंचायत में सब इंजीनियर हुआ करते थे। उस दौरान देवरत्नम सोनी ने प्रधानमंत्री आवास योजना में 2 करोड़ रुपए का घोटाला पकड़ लिया था। सूत्रों के मुताबिक इस घोटाले में सीधे तौर पर नगर पंचायत अध्यक्ष राम सुशील पटेल की संलिप्तता थी। लिहाजा पटेल ने उप यंत्री पर मामले को दबाने के लिए दवाब बनाया। लेकिन देवरत्नम नहीं माने। उन्होंने नगरीय प्रशासन में मामले की शिकायत कर दी।
जनपद सीएमओ को बेस बॉल के बल्ले और लाठी-डंडों से पीटते नगर पंचायत अध्यक्ष और उसके गुंडे
शिवराज सरकार में हटाए गए कलेक्टर
मामला सामने आऩे के बाद तत्कालीन कलेक्टर मुकेश शुक्ला भी चाहते थे कि राम सुशील पटेल के खिलाफ एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। लेकिन राम सुशील पटेल भाजपा का नगर पंचायत अध्यक्ष था और सरकार भाजपा की थी। लिहाजा सतना कलेक्टर मुकेश शुक्ला को ही हटा दिया गया और कुछ दिनों के लिए मामला ठंड़े बस्ते में चला गया।
सरकार बदली तो बदले हालात
मुकेश शुक्ला के बाद राहुल जैन कलेक्टर बनाए गए। दिसंबर 2018 को सरकार बदल गई। जिसके बाद उप यंत्री देवरत्नम सोनी को सीएमओ बना दिया गया। चार्ज संभालते ही सोनी ने एक बार फिर प्रधानमंत्री आवास योजना में एक करोड़ का घोटाला पकड़ लिया। अब राम सुशील पटेल पर शिकंजा कसने ही वाला था। वो सोनी पर दवाब बनाने की कोशिश कर रहा था। लेकिन नाकामयाब रहा तो आपा खो दिया और सोनी पर जानलेवा हमला कर दिया।
पुलिस की भूमिका संदिग्ध
सीएमओ देवरत्नम सोनी पर लगातार दवाब बनाया जा रहा था। पटेल ने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी थी। सीएमओ ने रामनगर थाने में आवेदन भी दिया था। एफआईआर दर्ज करने की मांग भी की थी। लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। रामनगर थाना टीआई ने पटेल के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया। इस मामले में लोगों का कहना है कि राम सुशील पटेल को टीआई का संरक्षण प्राप्त है।
कोतवाली थाने में दर्ज हुई एफआईआर
सीएमओ पर जानलेवा हमले के बाद पुलिस के आला अधिकारी एक्शन में आए है। एसपी रियाज इकबाल के मुताबिक नगर पंचायत अध्यक्ष राम सुशील पटेल के खिलाफ मामला दर्ज किया जा रहा है। घटना रामनगर थाने की है लेकिन मामला कोतवाली थाने में दर्ज किया जा रहा है। पटेल के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, जानलेवा हमला करने की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज किया जा रहा है।